Corona variant BA.2.86: कोरोना वायरस ने करीब 3 साल पहले तबाही मचानी शुरू की थी। तब से इसके ना जाने कितने वेरिएंट पूरी दुनिया में तांडव मचा चुके हैं। अल्फा, बीटा, डेल्टा, ओमीक्रोन ने तो सभी की नीदें उड़ाकर रख दी थी। अब एरिस के बाद कोविड का पिरोला वेरिएंट आ चुका है, जिसका असली नाम BA.2.86 है। कोरोना का यह नया वेरिएंट कई देशों में दस्तक दे चुका है। जिससे हड़कंप मच गया है। हाल ही में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक शख्स ओमीक्रोन के नए वेरिएंट BA.2.86 से संक्रमित पाया गया है।
कनाडा में यह पहला मामला है। इस वेरिएंट से संक्रमित मरीज ने प्रशांत प्रांत (Pacific province) के बाहर यात्रा भी नहीं की है। इस बात की जानकारी कनाडा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी है।
BA.2.86 वेरिएंट से संक्रमित मरीज अस्पताल में नहीं है भर्ती
कोलंबिया प्रांत के प्रमुख डॉक्टर बोनी हेनरी (Bonnie Henry) और स्वास्थ्य मंत्री एड्रियन डिक्स (Adrian Dix) ने एक संयुक्त बयान में बताया कि मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि BA.2.86 वायरस से लोगों को ज्यादा खतरा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि ओमीक्रोन वेरिएंट BA.2.86 के मामले की उम्मीद कनाडा में नहीं थी। कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल रहा है। ओमीक्रोन का यह नया वेरिएंट BA.2.86 पहली बार डेनमार्क में पाया गया था। यह अन्य वेरिएंट के मुकाबले बहुत तेजी से फैलता है। इस नए वेरिएंट से संक्रमित मरीज अमेरिका, स्विट्जरलैंड और इजराइल में भी मामले दर्ज किए गए हैं।
वैक्सीन लगवा चुके लोग भी हो सकते हैं संक्रमित
अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (U.S. Centers for Disease Control and Prevention) ने पिछले हफ्ते कहा था कि जो लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। वो लोग भी BA.2.86 वेरिएंट से संक्रमित हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह वायरस 30 से ज्यादा म्युटेशन के साथ आया है। चिंता की बात यह है कि इस बात की जानकारी किसी को नहीं है कि इसके म्युटेशन कितने गंभीर हो सकते हैं या उनके फैलने की क्षमता कितनी हो सकती है।
इसके लक्षण दिखते ही तुरंत अलर्ट होने की जरूरत है। लक्षण दिखने पर तुरंत RTPCR या एंटीजन टेस्ट करवाना चाहिए। ये लक्षण नजर आ सकते हैं।