Nepal unrest: भारत की सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में दो धार्मिक समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक माहौल को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी कर्फ्यू और निषेधाज्ञा जारी रखी। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के कई इलाकों में कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं।
जानिए लाउडस्पीकर और झंडे को लेकर क्या हुआ था विवाद?
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा विवाद रविवार को सुनसरी जिले के कप्तानगंज इलाके में शुरू हुआ। दो अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लोग अपने-अपने कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे थे। इसी दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे फहराने/दिखाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मौखिक बहस ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों गुट आपस में भिड़ गए।
स्थिति को नियंत्रित करने और टकरा रहे समूहों को तितर-बितर करने के लिए जब सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और गोलियां चलाईं तो इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस झड़प और कार्रवाई में सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, घायल हुए दो लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
प्रभावित इलाकों में लगा कर्फ्यू, हाईवे पर दी गई ढील
घटना के बाद सोमवार को सुनसरी में पहली बार प्रतिबंध लगाए गए थे, जिन्हें मंगलवार को भी जारी रखा गया।सुनसरी के जिला प्रशासन कार्यालय के मुताबिक हरिनगर और देवगंज ग्रामीण नगरपालिकाओं में निषेधाज्ञा लागू है। इसके अलावा हरिनगर, भुटहा, कप्तानगंज, घुस्की और देवांगंज के पांच बाजार क्षेत्रों में पूरी तरह से कर्फ्यू लागू है। प्रशासन ने रैलियों, प्रदर्शनों, जनसभाओं, धरने और 4 से अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए सुनसरी जिले से गुजरने वाले पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर्फ्यू हटाया गया था।
पड़ोसी जिले मोरंग में DJ पर लगा बैन
सुनसरी में हुई हिंसा के बाद पड़ोसी जिले मोरंग के जिला प्रशासन कार्यालय ने भी संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिशें जारी
निषेधाज्ञा के बावजूद जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट प्रदर्शन देखने को मिले हैं। कार्यवाहक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने बताया कि प्रशासन जिले में शांति स्थापित करने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
मुख्य जिला अधिकारी ईश्वरी प्रसाद अर्याल ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने और शांति बहाल करने के उपाय खोजने के लिए स्थानीय हितधारकों के साथ बैठक की है। आपको बता दें कि भारत के बिहार राज्य की सीमा से सटा सुनसरी जिला नेपाल के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है और यह दोनों देशों के बीच काफी अहम इलाका है।