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इंग्लैंड की नई वीजा स्कीम से इंडियन यूनिवर्सिटीज बाहर, भारतीय स्टूडेंट्स कर रहे विरोध

हाल में आईं टॉप 50 यूनिर्सिटीज की लिस्ट में ज्यादातर अमेरिका की यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। फिर चीन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, जापान, कनाडा और सिंगापुर की यूनिवर्सिटीज शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 03, 2022 पर 11:06 AM
इंग्लैंड की नई वीजा स्कीम से इंडियन यूनिवर्सिटीज बाहर, भारतीय स्टूडेंट्स कर रहे विरोध
इंग्लैंड वीजा की नई स्कीम के तहत दुनिया के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स को अपने यहां नौकरी करने की इजाजत देगा। लेकिन, इस स्कीम के लिए यूनिवर्सिटीज की लिस्ट में इंडिया की यूनिवर्सिटीज शामिल नहीं हैं

ग्रेजुएट्स के लिए इंग्लैंड की नई वीजा स्कीम का इंडिया में विरोध हो रहा है। इंग्लैंड ने सोमवार को 'High Potential Individual' (HPI) वीजा स्कीम लॉन्च की है। इंग्लैंड इसके तहत दुनिया के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स को अपने यहां नौकरी करने की इजाजत देगा। लेकिन, इस स्कीम के लिए यूनिवर्सिटीज की लिस्ट में इंडिया की यूनिवर्सिटीज को शामिल नहीं किया गया है।

दरअसल, दुनिया की टॉप 50 यूनिवर्सिटीज की लिस्ट में इंडिया का कोई भी आईआईटी संस्थान शामिल नहीं है। दुनिया की टॉप 50 यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंट्स ही HPI वीजा स्कीम के तहत अप्लाई कर सकते हैं। इस स्कीम के तहत ग्रेजुएट्स को दो साल का वीजा मिलेगा। PhD के स्टूडेंट्स को तीन साल का वीजा मिलेगा।

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इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें तय हैं। स्टूडेंट का इंस्टीट्यूशन तीन प्रमुख एजेंसियों की यूनिवर्सिटी रैंकिंग लिस्ट में से कम से कम दो में टॉप 50 में शामिल होना चाहिए। तीन एजेंसियों में QS, Times Higher Education और Ranking of World Universities शामिल हैं। इस रैंकिंग में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया की यूनिवर्सिटीज शामिल नहीं हैं।

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