भारतीय मूल और Deutsche Bank बैंक के पूर्व Co-CEO अंशु जैन (Anshu Jain) का निधन हो गया है। अंशु जैन फेमस ग्लोबल बैंकर थे। 59 साल के जैन कैंटर फिट्जगेराल्ड एलपी के चेयरमैन थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैन कैंसर से बीमार चल रहे थे।
वन्यजीव संरक्षण समूह टाइगर वॉच (Tiger Watch) ने एक बयान में कहा कि आज सुबह ही उन्हें जैन के निधन की जानकारी मिली। अंशु जैन इस ग्रुप के साथ जुड़े थे।
जैन ने 2012 से 2015 के बीच जर्मन मल्टीनेशनल बैंक Deutsche Bank के Co-CEO रहे हैं। वह 2009 से बैंक के मैनेजेमंट बोर्ड और 2002 से कार्यकारी समिति का हिस्सा थे।
1995 में Deutsche Bank में शामिल होने से पहले, जैन बैंक ऑफ अमेरिका के वेल्थ मैनेजमेंट डिविजन मेरिल लिंच के साथ काम कर रहे थे।
जैन ने दुनिया भर की सरकारों और उद्योग निकायों को सलाह भी दी है। उन्होंने वित्तीय स्थिरता पर यूके ट्रेजरी को सलाह देने वाली Deutsche Bank की टीम का नेतृत्व किया। सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार पैनल में भी काम किया था।
एक प्रसिद्ध बैंकर होने के साथ-साथ, जैन दुनिया के कई हिस्सों में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण समूहों के साथ काम कर रहे थे।
जैन ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। उन्होंने मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट यूनिवर्सिटी से फाइनेंस डिग्री और बीटा गामा सिग्मा में MBA किया था।
जैन के करियर का अहम दौर Deutsche Bank के साथ काम करने वाला था। ये 1995 से 2015 तक लगभग 20 सालों तक चला। इसके बाद, वह 2017 में कैंटर फिट्जगेराल्ड के चेयरमैन का पद संभालने से पहले, कैलिफोर्निया की फिनटेक फर्म सोशल फाइनेंस के सलाहकार बन गए।
कैंटर फिट्जगेराल्ड के अलावा, जैन वर्तमान में भारत में एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी InCred से भी जुड़े थे।