France Protests: फ्रांस की राजधानी पेरिस के उपनगर नैंटेरे (Nanterre) में हुई पुलिस फायरिंग में एक नाबालिग युवक के मारे जाने के बाद देश में हिंसा भड़क गई है। लगातार तीसरे दिन जारी हिंसा में सैकड़ों घरों पर पथराव हुआ या उनमें आग लगा दी गई है। इसके अलावा दर्जनों कारों, बसें और अन्य वाहनों को जलाकर खाक कर दिया गया है। हिंसा को नियंत्रित करने के प्रयास में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पेरिस के बाहरी हिस्से में कर्फ्यू लगा दिया गया है। शहर में रात में ट्राम और बस सेवा को बंद कर दिया गया है। CNN के मुताबिक, 421 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। हालात पर काबू पाने के लिए सड़कों पर हजारों की संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
BBC के मुताबिक, मंगलवार को फ्रांस पुलिस ने एक 17 साल के युवक को ट्रैफिक चेक के लिए न रुकने पर गोली मार दी थी। इस युवक का नाम नाहेल एम (Nahel M) बताया जा रहा है। युवक गाड़ी चलाने के कुछ ही देर बाद दुर्घटना का शिकार हुआ था। कहा जा रहा है कि पुलिस ने उसे नजदीक से गोली मारी। गोली मारने वाले पुलिस अधिकारी पर हत्या का आरोप दर्ज कर लिया गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि ये शूटआउट अक्षम्य है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक युवा की मौत को सही नहीं ठहरा सकता।
पुलिस अधिकारी ने मांगी माफी
किशोर की गोली मारकर हत्या करने वाले पुलिस अधिकारी ने पीड़ित परिवार से माफी मांग ली है। पुलिस अधिकारी पर स्वैच्छिक हत्या का आरोप लगाया गया है। दो मजिस्ट्रेट जांच का नेतृत्व कर रहे हैं। इस घटना का फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शुरू हुई हिंसा पूरे देश में फैल गई। इससे पहले, पुलिस ने बताया था कि युवक ने एक अधिकारी पर कार चढ़ाने की कोशिश की थी, जिसके बाद बचाव में उसे गोली मारी गई।
इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में दो पुलिसवालों को ड्राइवर सीट के बाहर खड़ा देखा जा सकता है। इस दौरान एक पुलिसवाले के हाथ में बंदूक भी दिख रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 के बाद से फ्रांस में ट्रैफिक सिग्नल्स पर पुलिस की फायरिंग में मारे गए अधिकतर लोग अरब मूल के थे। अभी ये साफ नहीं है कि गोलीबारी से पहले पुलिसवालों और कार में बैठे लोगों के बीच क्या हुआ।
स्कूल और पुलिस स्टेशन को किया आग के हवाले
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को ट्विटर पर फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने कहा कि बुधवार को हिंसा के दौरान 'टाउन हॉल, स्कूलों और पुलिस स्टेशनों में आग लगा दी गई या हमला किया गया'। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार, 29 जून की रात को पेरिस के पश्चिम में स्थित नैंटेरे शहर में प्रदर्शनकारियों ने कारों और एक बैंक की बिल्डिंग में आग लगा दी। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर बैरिकेड लगा दिए और पुलिस पर गोले फेंके। कई शहरों में प्रदर्शनों के दौरान दुकानों में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ शहरों में तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन, स्कूल और बसों को आग के हवाले कर दिया।