'कोरोनावायरस गलती से चीन की लैब से लीक होने की 80-90% संभावना', जर्मनी की जासूसी एजेंसी ने फिर छेड़ा कोविड के ओरिजिन का मुद्दा

कोविड महामारी के कारण पर कोई आम सहमति नहीं है। लैब लीक वाली थ्योरी का वैज्ञानिकों की ओर से कड़ा विरोध किया गया है। कई वैज्ञानिकों का कहना है कि इस संभावना को सपोर्ट करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। लेकिन एक बार विवाद में रह चुकी थ्योरी कुछ खुफिया एजेंसियों के बीच फिर से जोर पकड़ रही है

अपडेटेड Mar 13, 2025 पर 7:29 PM
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चीन, कोविड के लैब से लीक होने की थ्योरी से लगातार इनकार करता आया है।

इस बात की 80-90% संभावना है कि कोरोनावायरस गलती से चीन की लैब से लीक हो गया हो। जर्मन मीडिया के मुताबिक, ऐसा जर्मनी की फॉरेन इंटेलीजेंस सर्विस का मानना ​​है। बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दो जर्मन अखबारों का कहना है कि उन्होंने 2020 में जासूसी एजेंसी BND की ओर से किए गए एक असेसमेंट की डिटेल्स से पर्दा उठाया, लेकिन इसे कभी पब्लिश नहीं किया गया।

इंटेलीजेंस सर्विस को संकेत मिले थे कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ऐसे एक्सपेंरिमेंट कर रहा था, जिसमें रिसर्च के लिए वायरस को इंसानों में अधिक संक्रामक या ट्रांसमिसेबल बनाने के लिए मॉडिफाई किया जाता था। जर्मन न्यूजपेपर डाई जीट और सुएडड्यूशर जितुंग के अनुसार, BND ने प्रोजेक्ट सारेमा नामक एक ऑपरेशन में कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच करने के लिए 2020 में बर्लिन में बैठक की थी। इसने लैब लीक वाली थ्योरी को संभावित माना, हालांकि इसके पास ठोस सबूत नहीं थे।

BND को यह भी संकेत मिले कि लैब में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन हुए थे। यह आकलन उस समय जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के ऑफिस की ओर से किया गया था, लेकिन अब तक इसके बारे में सार्वजनिक रूप से कभी पता नहीं चला। कागजातों के अनुसार, निष्कर्षों को पिछले साल की शरद ऋतु में CIA के साथ साझा किया गया था।


कोविड महामारी के कारण पर कोई आम सहमति नहीं है। लैब लीक वाली थ्योरी का वैज्ञानिकों की ओर से कड़ा विरोध किया गया है। कई वैज्ञानिकों का कहना है कि इस संभावना को सपोर्ट करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। लेकिन एक बार विवाद में रह चुकी थ्योरी कुछ खुफिया एजेंसियों के बीच फिर से जोर पकड़ रही है। BND इसे हवा देने वाली लेटेस्ट एजेंसी है।

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चीन का लैब लीक थ्योरी से लगातार इनकार

बता दें कि चीन, कोविड के लैब से लीक होने की थ्योरी से लगातार इनकार करता आया है। उसका कहना है कि कोरोनावायरस का कारण वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए। चीन ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की उस जांच की ओर भी इशारा किया, जिसमें पाया गया था कि कोविड का लैब से लीक होना बेहद असंभव था। बता दें कि 2021 की शुरुआत में WHO की जांच के तहत वैज्ञानिकों की एक टीम महामारी के स्रोत की जांच करने के मिशन पर वुहान गई थी। वहां लैब का दौरा करने और 12 दिन बिताने के बाद टीम ने निष्कर्ष निकाला कि लैब-लीक थ्योरी बेहद असंभव है। लेकिन तब से कई लोगों ने उनके निष्कर्षों पर सवाल उठाए हैं।

कोरोनावायरस की उत्पत्ति को लेकर जिस थ्योरी का WHO की रिपोर्ट में सपोर्ट किया गया, वह यह है कि कोविड-19 चमगादड़ों में उभरा और फिर इंसानों में आया। इस बीच किसी जानवर के इंटरमीडियरी होस्ट होने की बेहद ज्यादा संभावना जताई गई। जनवरी में, यूएस CIA ने कहा था कि कोरोना वायरस के जानवरों से आने की तुलना में लैब से लीक होने की अधिक संभावना है।

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