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डॉलर में मजबूती जारी रही तो सुस्त पड़ सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी

इस साल जनवरी से अब तक डॉलर 7 फीसदी मजबूत हो चुका है। इसकी वजह फेडरल रिजर्व के रुख में आया बदलाव है। वह इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहा है। उसने कहा है कि वह इस साल कई बार इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड May 16, 2022 पर 6:10 PM
डॉलर में मजबूती जारी रही तो सुस्त पड़ सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी
विकसित देशों पर भी डॉलर की मजबूत का असर पड़ा है। यूरो गिरकर पांच साल के लो पर आ गया है।

दुनिया की प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर (Dollar) में काफी मजबूती आई है। रुपया (Rupee) के मुकाबले भी डॉलर मजबूत हुआ है। अगर डॉलर में मजबूती का ट्रेंड जारी रहता है तो इससे ग्लोबल इकोनॉमी (Global Economy) में रिकवरी के ट्रेंड को चोट पहुंच सकती है। दुनिया में ज्यादातर फॉरेन ट्रेड का पेमेंट डॉलर में होता है।

इस साल जनवरी से अब तक डॉलर 7 फीसदी मजबूत हो चुका है। इसकी वजह फेडरल रिजर्व के रुख में आया बदलाव है। वह इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहा है। उसने कहा है कि वह इस साल कई बार इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा। इससे इनवेस्टर्स ने डॉलर की खरीदारी बढ़ा दी है। इससे डॉलर मजबूत हो रहा है।

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डॉलर में मजबूती से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व को बढ़ती महंगाई को काबू में करने में मदद मिलेगी। लेकिन, इससे दूसरे देशों के लिए आयात करना महंगा हो जाएगा। इससे इन देशों में महंगाई की आग और भड़ेकगी। खासकर इससे उभरते देशों को ज्यादा मुश्किल होने वाली है।

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