India-Canada Relations Row: खालिस्तान समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच के रिश्ते दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं। इसी क्रम में टोरंटो में स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने अपने कुछ निर्धारित कांसुलर कैंपों को रद्द कर दिया है। भारत ने इसके पीछे की कनाडा की ओर से पर्याप्त सुरक्षा न मुहैया कराया जाना बताया है। भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गुरुवार (7 नवंबर) को कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कैंप के आयोजकों को "न्यूनतम सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थता" से अवगत कराए जाने के बाद कनाडा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जीवन प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्धारित वाणिज्य दूतावास शिविर को रद्द कर दिया है।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने 7 नवंबर को X पर एक पोस्ट किया, "सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सामुदायिक शिविर आयोजकों को न्यूनतम सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थता व्यक्त करने के मद्देनजर, वाणिज्य दूतावास ने कुछ निर्धारित वाणिज्य दूतावास शिविरों को रद्द करने का निर्णय लिया है।" यह घोषणा खालिस्तान समर्थकों द्वारा हिंदू समुदाय के सदस्यों पर हमला करने के कुछ ही दिनों बाद की गई है, जब भारतीय वाणिज्य दूतावास ने टोरंटो के पास ब्रैम्पटन में हिंदी सभा मंदिर के बाहर एक वाणिज्य दूतावास शिविर का सह-आयोजन किया था।
दरअसल, 2 और 3 नवंबर को वैंकूवर और सरे में आयोजित इसी तरह के शिविरों को बाधित करने का प्रयास किया गया था। पिछले साल सितंबर में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तान चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता के आरोपों के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। हालांकि, भारत ने इस आरोप को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया था। निज्जर कनाडा का नागरिक था लेकिन भारत ने उसे आतंकवादी घोषित किया था।
भारत का कहना है कि दोनों देशों के बीच मुख्य मुद्दा यह है कि कनाडा अपनी धरती से गतिविधियां चला रहे खालिस्तान समर्थक तत्वों को बिना किसी रोक-टोक के मौका दे रहा है। भारत ने कनाडा के आरोपों को दृढ़तापूर्वक खारिज करते हुए छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था तथा निगरानी के दायरे में आये अपने उच्चायुक्त संजय वर्मा और अन्य अधिकारियों को कनाडा से वापस बुला लिया।
इस बीच, विदेशमंत्री एस.जयशंकर ने कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर पर हमले की घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए मंगलवार को कहा कि यह कनाडा में चरमपंथी ताकतों को एक तरह से दी जा रही राजनीतिक जगह (गुंजाइश) की ओर इंगित करता है। उन्होंने यहां अपनी ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष पेनी वोंग के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान रविवार को कनाडा पर बिना विस्तृत जानकारी दिए आरोप लगाने की प्रवृत्ति का भी आरोप लगाया।
भारत और कनाडा के बीच चल रहे कूटनीतिक विवाद के बीच जयशंकर रविवार को उत्तर अमेरिकी देश के ब्रैम्पटन में हुई घटना से संबंधित एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे, जहां खालिस्तानी झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने हिंदू सभा मंदिर में लोगों के साथ झड़प की। इससे मंदिर के अधिकारियों और भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न हुई।