आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत ने पाकिस्तान स्थित सात आतंकियों को प्रतिबंधित कर दिया है। केंद्र सरकार ने पिछले 15 दिनों में पाकिस्तान स्थित सात आतंकी सरगनाओं आतंकवादी घोषित किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा फैसला लेते हुए आतंकी फंडिंग और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की है। सातों आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के CID के सुझाव पर प्रतिबंधित किया गया है, ये सभी पाकिस्तान के रहने वाले हैं।
बैन किए गए आतंकियों की सूची में सज्जाद गुल, आशिक अहम नेंगरू, मुश्ताक अहम जरगर, अर्जुमांद गुलजार, अली काशिफ, मोइनुद्दीन औरंगजेब और हाफिज तलहा सई शामिल है। गृह मंत्रालय ने अभी तक UAPA के तहत कुल 38 पाक आतंकियों को प्रतिबंधित किया है। शीर्ष सूत्रों ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पाकिस्तानी आतंकियों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है जो घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
मंगलवार को दो आतंकियों पर लगाया बैन
केंद्र ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य शेख सज्जाद उर्फ सज्जाद गुल और अल बद्र के सदस्य आरजूमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान को जम्मू कश्मीर में अनेक आतंकवादी घटनाओं में शामिल रहने के मद्देनजर मंगलवार को आतंकवादी घोषित किया। डार आतंकवाद और हिंसा की अन्य घटनाओं के वित्तपोषण में शामिल रहा है। वहीं गुल श्रीनगर में 2018 में पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या का षड्यंत्र रचने में शामिल था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि गुल जम्मू-कश्मीर में हथियार और गोला-बारूद जब्त होने के एक मामले में फरार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वह लश्कर के समर्थन में जम्मू कश्मीर में नौजवानों को सक्रियता से बरगला रहा है और भर्ती कर रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि वह आतंकवाद के वित्तपोषण में भी शामिल रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार 14 जून, 2018 को श्रीनगर के व्यस्त प्रेस एन्क्लेव में प्रतिष्ठित पत्रकार बुखारी की उनके दो निजी सुरक्षा अधिकारियों के साथ हत्या करने के लिए लश्कर के कुछ अन्य सदस्यों के साथ साजिश रचने में गुल शामिल पाया गया था।
गुल की आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए मंत्रालय ने उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया है। गुल श्रीनगर की रोज एवेन्यू कॉलोनी एचएमटी शालतेंग का रहने वाला है। 10 अक्टूबर, 1974 को जन्मा गुल लश्कर का एक कमांडर है।
हाफिज सईद का बेटे सहित कई अन्य आतंकवादी घोषित
सरकार ने आठ अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक एवं 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के ‘मास्टरमाइंड’ हाफिज सईद के बेटे हाफिज तल्हा सईद को आतंकवादी घोषित किया था। इसके तीन दिन बाद ही, 11 अप्रैल को, पाकिस्तानी नागरिक मोहिउद्दीन औरंगजेब आलमगीर को आतंकवादी घोषित किया गया जो जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की बस पर हुए आतंकी हमले में शामिल था।
सरकार ने 2016 में पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले में शामिल आतंकवादियों के पाकिस्तानी आका अली काशिफ जान को 12 अप्रैल को आतंकवादी घोषित किया। सरकार ने मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ मुश्ताक लत्राम को 13 अप्रैल को आतंकवादी घोषित किया। इसके बाद केंद्र ने 18 अप्रैल को प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दुर्दांत कमांडर आशिक अहमद नेंगरू को आतंकवादी घोषित कर दिया जो जम्मू-कश्मीर में विभिन्न आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है।
लश्कर-ए-तैयबा भारत में अनेक आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। इनमें अधिकतर हमले जम्मू कश्मीर में हुए। लश्कर संस्थापक हाफिज सईद और समूह के ऑपरेशनल कमांडर जकीउर रहमान लखवी के साथ जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मौलाना मसूद अजहर भारत में सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में शुमार हैं।