Iran Israel Crisis: ईरान के ऑयल प्रोडक्शन साइट को निशाना बना सकता है इजरायल! बहुत बड़ा होगा जवाबी हमला
Iran Israel Attack: इजरायली अधिकारियों के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल मंगलवार के बड़े मिसाइल हमले का कुछ ही दिनों में "जवाबी हमले" शुरू करेगा, जो ईरान के अंदर तेल उत्पादन सुविधाओं और दूसरे रणनीतिक स्थलों को निशाना बना सकता है
Iran Israel Crisis: ईरान के ऑयल प्रोडक्शन को निशाना बना सकता है इजरायल!
ईरान ने सांप की पूंछ पर पैर रख दिया है। इजरायल पर करीब 180 मिसाइलें दागने के बाद उसे ये तो मालूम है कि इजरायल बहुत जबरदस्त पलटवार करने वाला है, लेकिन ये नहीं मालूम कि उसके जवाबी कार्रवाई कितनी बड़ी और कितनी घातक हो सकती है। अब ऐसा कहा जा रहा है कि इजरायल इस बार ईरान के भीतर तक हमला करने की तैयारी में है और इतना ही नहीं वो उसके तेल उत्पादन और दूसरी रणनीतिक जगों को निशाना बना सकता है।
Axios ने इजरायली अधिकारियों के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल मंगलवार के बड़े मिसाइल हमले का कुछ ही दिनों में "जवाबी हमले" शुरू करेगा, जो ईरान के अंदर तेल उत्पादन सुविधाओं और दूसरे रणनीतिक स्थलों को निशाना बना सकता है।
मध्य पूर्व में फैले युद्ध में इजरायल और ईरान कभी भी इतने खतरनाक मोड़ पर आमने-सामने नहीं आए। ईरान ने मंगलवार को धमकी दी कि अगर इजराइल ने मंगलवार के हमले का ताकत से जवाब दिया, तो वो दोबारा हमला करेगा।
अगर ऐसा होता है, तो इजरायली अधिकारियों का कहना है कि सभी विकल्प हमारे सामने होंगे, जिसमें ईरान की न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले भी शामिल हैं।
एक इजरायली अधिकारी ने कहा, हमारे सामने एक बड़ा सवालिया निशान है कि ईरानी किसी हमले का जवाब कैसे देंगे, लेकिन हम इस संभावना पर विचार करते हैं कि वे सब कुछ करेंगे, जो एक पूरी तरह से अलग खेल होगा।"
क्या है इजरायल का एक्शन प्लान?
कई इजरायली अधिकारी संभावित लक्ष्य के रूप में ईरान के तेल ठिकानों की ओर इशारा करते हैं, लेकिन कुछ का कहना है कि लक्षित हत्याएं और ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम को नेस्तनाबूद करना भी लिस्ट में है।
इजरायल के जवाबी हमले में लड़ाकू विमानों से हवाई हमले के साथ-साथ दो महीने पहले तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानियेह की हत्या की तरह ही सीक्रेट ऑपरेशन भी शामिल हो सकते हैं।
अप्रैल में इजरायल पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले का जवाब ईरान में S-300 एयर डिफेंस बैटरी के खिलाफ एक बहुत ही सीमित इजरायली हमले से दिया गया और सीधे हमले रुक गए।
इजरायली अधिकारियों ने कहा कि इस बार इजरायल की जवाबी कार्रवाई कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण और बड़ी होगी।
ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर भी नजर
CNN के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियाई रणनीतिक नीति संस्थान में रक्षा रणनीति के वरिष्ठ विश्लेषक मैल्कम डेविस के अनुसार, इजरायल हो सकता है ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर भी नजर रख रहा है।
अमेरिका ने आकलन किया है कि ईरान का ब्रेकआउट टाइम, मतलब परमाणु हथियार के लिए पर्याप्त वेपन-ग्रेड सामान बनाने के लिए लगने वाला जरूरी समय, अब लगभग एक या दो हफ्ता है।
डेविस ने CNN के बेकी एंडरसन को बताया, “इजरायल ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकता। नेतन्याहू के मंत्रिमंडल के भीतर निश्चित रूप से उन परमाणु सुविधाओं पर हमला करने और सालों से चले आ रहे ईरानी परमाणु हथियार कार्यक्रम फेल करने का मजबूत दबाव होगा।"
डेविस ने कहा कि इजरायल पारंपरिक सैन्य हमले या साइबर हमले के जरिए ईरान की परमाणु फैसिलिटी को निशाना बना सकता है, जो उसने हिजबुल्लाह के पेजर और वॉकी-टॉकीज अटैक में इस्तेमाल किया था, सप्लाई चेन को रोक सकता है और उपकरणों में विस्फोटक लगा सकता है।
उन्होंने आगे कहा, "इजरायल जो कुछ भी करता है, वो बड़ा दिखना चाहिए। ये जवाबी कार्रवाई निर्णायक और सफल होनी चाहिए।"