Lok Sabha Election 2024: अमेरिका ने रूस के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि अमेरिका भारत में हो रहे लोकसभा चुनावों में हस्तक्षेप कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "कतई नहीं। हम न ही भारत में जारी चुनावों में शामिल हैं और न ही दुनिया में कहीं भी होने वाले चुनाव में। भारत की जनता निर्णय करेगी।" दरअसल रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने मॉस्को में कहा था कि अमेरिका भारत के घरेलू मामलों और मौजूदा चुनावों में हस्तक्षेप कर रहा है। मिलर से इसी बारे में सवाल किया गया था।
अमेरिकी अखबार 'वॉशिंगटन पोस्ट' में हाल में प्रकाशित एक लेख में आरोप लगाए गए थे कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ (RAW) के एक अधिकारी अमेरिका की धरती पर खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित हत्या की योजना बनाने में शामिल थे।
इस लेख पर रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने मॉस्को में कहा, "अमेरिका नई दिल्ली के खिलाफ नियमित रूप से निराधार आरोप लगाता रहता है... हम देखते हैं कि वे न केवल भारत बल्कि कई अन्य देशों पर भी धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने के आधारहीन आरोप लगाते हैं जो दर्शाता है कि अमेरिका भारत की राष्ट्रीय सोच को नहीं समझता, उसे भारत के विकास के ऐतिहासिक संदर्भ की समझ नहीं है और वह एक देश के रूप में भारत का सम्मान नहीं करता।"
रूसी प्रवक्ता ने इसे अमेरिका की औपनिवेशिक काल की मानसिकता करार दिया। 'RT न्यूज' ने जखारोवा के हवाले से कहा, "वे आम संसदीय चुनावों को जटिल बनाने के लिए भारत की आंतरिक राजनीतिक स्थिति को असंतुलित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का तरीका है।"
उन्होंने कहा, "घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों मामलों में वाशिंगटन से अधिक दमनकारी शासन की कल्पना करना कठिन है।" अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वाशिंगटन में इन आरोपों के संबंध में किए गए किसी भी सवाल का जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा, "जब तक ये आरोप न्यायपालिका के समक्ष सिद्ध नहीं हो जाते जब तक ये महज आरोप हैं। चूंकि ये कानूनी मामला है इसलिए मैं यहां इस पर कुछ नहीं कहूंगा।"
पन्नू मामले में भारतीय जवाबदेही को लेकर US संतुष्ट
अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने अमेरिकी जमीन पर एक अलगाववादी सिख नेता की हत्या की कथित साजिश में भारतीय अधिकारियों के शामिल होने के आरोपों पर भारत से जिस जवाबदेही की उम्मीद की थी, वह उसे लेकर अब तक उठाए गए कदमों से संतुष्ट है।
अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने पिछले साल नवंबर में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया था।
आतंकवाद के आरोपों में भारत में वांछित पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है। उसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया था।