एनवीडिया (Nvidia) और टैरिफ ने मिलकर गुरुवार को अमेरिकी मार्केट को नीचे खींच लिया। टेक-हैवी इंडेक्स नास्डाक कंपोजिट करीब 550 प्वाइंट्स गिर गया। इस पर सबसे अधिक दबाव एनवीडिया ने बनाया जो दिसंबर तिमाही के नतीजे आने के बाद 8.5 फीसदी फिसल गया। वहीं डाऊ जोन्स की बात करें तो जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह तय कर दिया कि टैरिफ अपने समय यानी 4 मार्च और 2 अप्रैल से ही लागू होंगे यह अपने इंट्रा-डे हाई से करीब 650 प्वाइंट्स गिर गया और दिन के आखिरी में 200 प्वाइंट्स की कमजोरी रही। एसएंडपी भी 1.6 फीसदी कमजोर रहा।
गुरुवार को कई अहम इकनॉमिक डेटा आए लेकिन इन सब पर टैरिफ भारी पड़ा और मार्केट बुरी तरह टूट गया। टैरिफ के चलते कारोबार, इकॉनमी, इंफ्लेशन और जियोपॉलिटिक्स को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। दिसंबर 2024 तिमाही में अमेरिकी जीडीपी 2.3 फीसदी की सालाना रफ्तार से बढ़ी। कंज्यूमर स्पेंडिंग भी 4.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा।।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का
eToro के Bret Kenwell का कहना है कि निवेशक अमेरिकी फेड से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन अमेरिकी फेड ने अभी तक इसे लेकर कोई संकेत नहीं दिया है। इसके अलावा अगर इकॉनमी सुस्त पड़ती है तो निवेशक कम से कम महंगाई के नरम पड़ने की उम्मीद कर रहे हैं। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स के हालिया सेंटीमेंट सर्वे के अनुसार शेयरों को लेकर इंडिविजुअल इंवेस्टर्स का शॉर्ट-टर्म आउटलुक निगेटिव है। बेयरेश सेंटिमेंट इतना मजबूत हुआ है कि छह महीने में स्टॉक्स के भाव में गिरावट की उम्मीद 20.2 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़कर 60.6 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं बुलिश सेंटिमेंट गिरकर 19.4 फीसदी और न्यूट्रल सेंटिमेंट गिरकर 20 फीसदी पर आ गई।
बीस्पोक इंवेस्टमेंट ग्रुप के स्ट्रैटेजिस्ट्स का कहना है कि सर्वे में दोनों ही बाते दिखी, एक तो हाई लेवल की बेयरेशनेस और दूसरी इसमें तेज उछाल। बीस्पोक इंवेस्टमेंट ग्रुप का कहना है कि ऐतिहासिक रूप से बेयरेशनेस का हाई लेवल तगड़े रिटर्न की ओर ले जाते हैं, लेकिन असामान्य यह है कि यह ऐसे समय में है, जब स्टॉक्स हाल ही में हाई के करीब थे।