पाकिस्तान (Pakistan) में अल्पसंख्यकों (minorities) के खिलाफ अपहरण से लेकर रेप और धर्मांतरण जैसे अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अभी ऐसा ही एक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया, जहां सिंध के सिंझोरो जिले में एक 42 साल की हिंदू महिला का पहले सामूहिक ब्लात्कार (Gangrape) किया गया और फिर उसकी बड़ी ही बेरहमी से हत्या (Murder) कर दी गई।
CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से बाताया कि अज्ञात लोगों ने पहले भील समुदाय की एक हिंदू महिला के साथ गैंगरेप किया। इसके बाद उसका सिर काट दिया गया और उसके स्तन तक काट दिए गए।
इन वहशी दरिंदों का इतने से ही दिल नहीं भरा। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के शव को गेहूं के खेत में फेंकने से पहले, अपराधियों ने उसके सिर की खाल तक खींच डाली।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंझोरो निवासी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस जघन्य अपराध के बीच भारत एक बार फिर पाकिस्तान को अपने यहां रह रहे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर नसीहत दी। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान को अपने यहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कुशलता का ध्यान रखना चाहिए। इसका पालान करना उसकी जिम्मेदारी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडिया को बताया कि इस घटना के बारे में उनके पास कुछ ज्यादा जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, "हालांकि, हम पहले भी कह चुके हैं कि पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यकों का ध्यान रखना चाहिए और उनकी सुरक्षा और कुशलता की जिम्मेदारी को निभाना चाहिए। मैं इस पर फिर से जोर देना चाहूंगा।" प्रवक्ता ने हालांकि कहा कि वह किसी एक मामले में टिप्पणी नहीं कर सकते।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लोगों के खिलाफ बढ़ते अपराध
इससे पहले अक्टूबर में, पाकिस्तान के हैदराबाद से एक नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया गया था। उसके माता-पिता के अनुसार, घर लौटते समय उसका फतेह चौक इलाके से अपहरण कर लिया गया था।
सितंबर में, सिंध प्रांत में एक विवाहित हिंदू महिला और दो किशोर लड़कियों का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। उनका जबरन धर्मांतरण किया गया और मुसलमानों से शादी कर ली गई।
2021 में, अमेरिका ने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को "विशेष चिंता वाले देशों" की लिस्ट में रखा। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि हर साल अल्पसंख्यक समुदायों की लगभग 1,000 लड़कियों का अपहरण कर लिया जाता है या उन्हें जबरन इस्लाम कबूल कराया जाता है।