Donald Trump: 'होर्मुज बंद किया तो देश नहीं बचेगा', ईरान पर फिर गरजे ट्रंप, दी सख्त चेतावनी
Donald Trump: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड का पोस्ट सामने आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को धमकी दे डाली है। बता दें कि दोनों दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए कम्युनिकेशन लाइन बनाने पर सहमति जताई।
ईरान को ट्रंप का दो टूक, होर्मुज को लेकर दे डाली सख्त चेतावनी
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि “होर्मुज स्ट्रेट बंद करोगे तो तुम्हारा देश नहीं बचेगा।” बता दें कि ट्रंप का यह बयान ऐसे में आया है जब दोनों देशों के अधिकारी तनाव कम करने, होर्मुज को खुला रखने और मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष को टालने के उद्देश्य से बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड में थे।
गौरतलब है कि सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर खत्म हुआ। इसके बाद मध्यस्थ देश पाकिस्तान और कतर ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए आपसी संपर्क बनाए रखने और लेबनान में जारी लड़ाई खत्म करने की कोशिशें तेज करने पर सहमति जताई है।
वहीं, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया और रविवार को स्विट्जरलैंड में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू की। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश "एक नई शुरुआत" कर सकते हैं।
ईरान के मोहम्मद बाकर गालीबाफ की मौजूदगी में हो रही यह बातचीत, पिछले हफ्ते हुए शुरुआती समझौते के तहत तय किए गए दो महीने के बातचीत दौर का हिस्सा है।
बढ़ते तनाव के बीच बातचीत
यह बातचीत हफ्ते के अंत में तनाव बढ़ने के बाद हुई, जब ईरान ने कहा कि वह लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रहा है।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शनिवार को कहा कि कमर्शियल जहाज अभी भी इस जलमार्ग से गुजर रहे थे, लेकिन रविवार दोपहर को उन्होंने कहा कि उनके पास इस बारे में कोई नई जानकारी नहीं है।
बातचीत के दौरान ट्रंप ने फिर दी धमकी
जब अमेरिकी अधिकारी बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड में थे, तब भी ट्रंप अपनी चेतावनियों को और कड़ा करते रहे।
रविवार को फॉक्स न्यूज के ट्रे यिंगस्ट के साथ फोन पर हुई बातचीत में, ट्रंप ने धमकी दी कि अगर तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के रास्ते में कोई रुकावट डाली, तो वे ईरान पर हमला करेंगे और उस जलमार्ग पर कब्जा कर लेंगे।
यिंग्स्ट के X पोस्ट के मुताबिक, ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों से कहा, "अगर आपने होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया, तो आपका देश ही नहीं बचेगा। आप अपने देश वापस भी नहीं लौट पाएंगे।"
"You close it and you won't have a country." President Trump said he told Iranian officials about the Strait of Hormuz. "You won't even make it back to your fu*king country."
"We may take over the Strait, if we have to," Trump said. "If they don't make a deal, we'll collect… pic.twitter.com/cErvdjCJmK — Trey Yingst (@TreyYingst) June 21, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में इस खतरे का जिक्र करते हुए ईरान से कहा कि वह लेबनान में हिज्बुल्लाह के लड़ाकों को "गड़बड़ी फैलाने" से रोके।
उन्होंने कहा, "अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत जोरदार हमला करेंगे - ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था, बल्कि उससे भी ज्यादा जोरदार।"
ईरान का जवाब
ईरान ने भी चेतावनी देते हुए पलटवार किया। मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ ने अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतने की चेतावनी दी और कहा कि ईरान की सेनाएं अलग तरह से जवाब देने के लिए तैयार हैं।
गालिबाफ ने कहा, "उनके लिए बेहतर होगा कि वे अपने बयानों में सावधानी बरतें; हमारी सेनाएं उन्हें अलग तरह से जवाब देने के लिए तैयार हैं। वे चाहे कुछ भी कहें, असल में कार्रवाई हम ही करते हैं।"
होर्मुज कम्युनिकेशन लाइन पर समझौता
बता दें कि दुनिया भर में तेल की कीमतें कम करने के लिए इस जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों का सुरक्षित गुजरना बहुत जरूरी है।
हालांकि, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से, तेल की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया है और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता के बीच ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग पर भी असर डाला है।
वहीं, बातचीत के पहले दौर के अंत में, मध्यस्थता करने वाले देशों पाकिस्तान और कतर ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान, होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी घटना से बचने के लिए एक "कम्युनिकेशन लाइन" बनाने पर सहमत हो गए हैं।
पहले दौर की वार्ता के बाद पाकिस्तान और कतर ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक "कम्युनिकेशन लाइन" (सीधा संपर्क तंत्र) बनाई गई है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की गलतफहमी या अप्रिय घटना से बचा जा सके और वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।