अमेरिकी नियामक ने अमेरिका के एक बैंक Republic First Bank को बंद कर दिया है। यह एक रीजनल लेंडर था जिसका कारोबारी न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और पेंसिल्वेनिया जैसे बड़े शहरों में फैला हुआ था। फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) ने शुक्रवार को कहा कि फिलाडेल्फिया के रिपब्लिक बैंक को सीज कर दिया गया है। बैंक के पास 31 जनवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक 400 करोड़ डॉलर का डिपॉजिट है और 600 करोड़ डॉलर के एसेट्स हैं। एजेंसी ने बताया कि पेंसिल्वेनिया के लैंचेस्टर में स्थित फुल्टन बैंक इस बैंक की सभी जमा राशि को पर्याप्त रूप से लेने और अनिवार्य रूप से इसकी सभी संपत्तियों को खरीदने के लिए सहमत हो गया है।
Republic Bank अब Fulton Bank
फुल्टन बैंक ने रिपब्लिक बैंक के सभी डिपॉजिट्स और एसेट्स को लेने के लिए हामी भर दी है। ऐसे में अब शनिवार को रिपब्लिक बैंक के सभी 32 ब्रांचेच फुल्टन बैंक के ब्रांच के रूप में खुलेंगे। एफडीआईसी ने कहा कि जिनके पैसे रिपब्लिक फर्स्ट बैंक में जमा हैं, वे शुक्रवार रात तक चेक या एटीएम के जरिए निकाल सकते हैं।
डिपॉजिट इंश्योरेंस फंड को लगी 66.7 करोड डॉलर की चपत
रिपब्लिक बैंक के बंद होने से डिपॉजिट इंश्योरेंस फंड को 66.7 करोड़ डॉलर का झटका लगने के आसार हैं। इस साल यह पहला बैंक है जो बंद हुआ है और FDIC के कवरेज के तहत था। इससे पहले नवंबर में आईओआ के सैक सिटी का सिटीजंस बैंक फेल हुआ था। बढ़ती ब्याज दरों और कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज की कीमतों में गिरावट ने कई रीजनल और कोऑपरेटिव बैंकों के लिए वित्तीय जोखिम बढ़ा दिए हैं। सबसे बड़ी दिक्कत तो ये आ रही है, जिन प्रॉपर्टीज को लेकर लोन लिए गए हैं, उनकी वैल्यू गिर रही है और इसके चलते इनके रीफाइनेंस में चुनौती आ रही है।