Russia Ukraine War: किसकी सेना कितनी मजबूत? आंकड़ों से समझें दोनों देशों की सैन्य शक्ति, कौन किस पर पड़ेगा भारी
Russia Ukraine War: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान की घोषणा कर दी है। यहां आंकड़ों से जानें कि दोनों देशों में किसकी सेना कितनी मजबूत
MoneyControl News
अपडेटेड Feb 24, 2022 पर 1:37 PM
Russia Ukraine War: किसकी सेना कितनी मजबूत?
Russia Ukraine War: रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने गुरुवार तड़के यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा कर दी है। इसके बाद यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने मार्शल लॉ (Marshal Law) लागू कर दिया है और गुरुवार की सुबह एक वीडियो संबोधन में लोगों से शांत रहने का आग्रह किया है।
टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि रूस की यूक्रेन पर कब्जे की कोई योजना नहीं है। सैन्य अभियान का ऐलान करते हुए पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के लोग ये चुनाव कर सकेंगे कि उनके देश को कौन चलाता है।
राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के सैनिकों से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। उन्होंने पूर्वी यूक्रेन में तैनात सैनिकों से कहा कि वे अपने हथियार डालकर, वापस अपने घरों को चले जाएं, अगर ऐसा नहीं होता है, तो जो भी खून बहेगा, इसके लिए यूक्रेन खुद जिम्मेदार होगा।
रूस के राष्ट्रपति ने दूसरे देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी रूस को लेकर कार्रवाई करता है, तो मास्को इस पर जवाब देने में देर नहीं करेगा। उन्होंने इस कार्रवाई को 'आत्मरक्षा' बताया।
उधर पुतिन की घोषणा के तुरंत बाद यूक्रेन में धमाकों जानकारी भी सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से एक राजधानी कीव की गुरुवार सुबह की तस्वीर जारी की गई है, जिसमें एक विस्फोट दिखाया गया है। कई मीडिया चैनलों ने भी राजधानी के पास कई विस्फोटों की आवाज सुनी है।
इन सब के बीच ये जानना भी जरूरी है कि रूस और यूक्रेन की सेनाओं में कितना अंतर है, फिर चाहे वो मैन पावर की बात हो या हथियारों की। ये तो साफ है कि रूस की सैन्य शक्ति यूक्रने के मुकाबले कई गुना ज्यादा है, लेकिन इस अंतर को आंकड़ों से समझना और ज्यादा बेहतर होगा।
Global Fire Power के मुताबिक, पावर इंडेक्स की बात की जाए तो, 140 देशों की लिस्ट में रूस दूसरे नंबर पर है, जबकि यूक्रेन 22वें स्थान पर है यानी सीधे-सीधे 10 से गुना से ज्यादा का अंतर है। यहां पावर इंडेक्स कुछ ऐसे समझाया गया, "हर एक देश का मूल्यांकन व्यक्तिगत और सामूहिक मूल्यों के आधार पर किया जाता है, जो हमारे इन-हाउस फॉर्मूले के जरिए उसका 'Pwrlndx' स्कोर जनरेट करने के लिए संसाधित होता है। आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं होने पर कुछ वैल्यू का अनुमान लगाया जाता है।"
दोनों देशों के सैनिकों की संख्या पर नजर डालें, तो रूस के सैनिको की संख्या 2,900,000 है। वहीं यूक्रेन के पास कुल 1,100,000 सैनिक हैं। इसमें एक्टिव सैनिकों की संख्या रूस में करीब नौ लाख है और यूक्रेन के सिर्फ दो लाख एक्टिव सैनिक हैं। वहीं रूस के पास रिजर्व सैनिकों संख्या 2,000,000 और यूक्रेन में 900,000 हैं।
रूस और यूक्रेन के पास कितने एक्टिव और रिजर्व सैनिक (Global Fire Power)
दोनों देशों के डिफेंस बजट के बीच भी काफी बड़ा अंतर है। रूस रक्षा बजट 154,000,000,000 डॉलर है और यूक्रेन का 11,870,000,000 डॉलर है।
रूस और यूक्रेन की एयर पावर पर नजर डाली जाए, तो रूस के पास कुल 4173 एयरक्राफ्ट हैं और यूक्रेन के पास केवल 318, यानी 3855 का अंतर है। इसमे रूस के पास 772 लड़ाकू विमान हैं और यूक्रेन पास 69।
रूस और यूक्रेन की हवाई शक्ति (Global Fire Power)
रूस के पास 1543 हेलिकॉप्टर हैं, इसके साथ ही वो दुनिया के दूसरे देशों में दूसरे नंबर पर है। वहीं यूक्रेन के पास कुल 112 हेलिकॉप्टर हैं। इसमें रूसे के बेड़े में 544 अटैक हेलिकॉप्टर हैं, जबकि यूक्रेन के पास सिर्फ 34 ही हैं।
रूस और यूक्रेन के पास कितने हेलिकॉप्टर (Global Fire Power)
जमीना शक्ति के पहलू को समझें, तो रूस के 12,420 टैंक हैं और यूक्रेन के पास 2596 टैंक हैं। इसके अलावा रूस के पास 30,122 बख्तरबंद गाड़ियां हैं और यूक्रेन के पास 12,303। रूस के तोपखाना की संख्या 7,571 है और यूक्रेन की 2,040 है।
जल सेना पर आएं, तो रूस की फ्लीट स्ट्रेंथ 605 है और यूक्रेन की इसके मुकाबले सिर्फ 38 है। रूस के पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर भी है, यूक्रेन के पास एक भी नहीं है। हालांकि, दोनों में से किसी भी देश के पास एक भी हीले कैरियर नहीं है। रूस के पास 70 पनडुब्बियां हैं और यूक्रेन के बेड़ में कोई पनडुब्बी नहीं है। रूसी बेड़े में 15 डिस्ट्रॉयर और यूक्रेन की संख्या यहां भी जीरो है।
कुलि मिलाकर सैन्य क्षमता में रूस यूक्रेन से कई गुना बेहतर और आगे है। हालांकि, रूस को NATO की सेना का समर्थन हासिल है।
रूस और यूक्रेन की नौसैनिक शक्ति (Global Fire Power)
NATO एक उत्तर अटलांटिक संधि संगठन, जिसे उत्तरी अटलांटिक गठबंधन भी कहा जाता है, 27 यूरोपीय देशों, 2 उत्तरी अमेरिकी देशों और 1 यूरेशियन देश के बीच एक अंतर-सरकारी सैन्य गठबंधन है। संगठन उत्तरी अटलांटिक संधि को लागू करता है, जिस पर 4 अप्रैल 1949 को हस्ताक्षर किए गए थे।
इन दूसरे देशों से भी मिल रही यूक्रेन को मदद
अमेरिका-BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन के भीतर कोई सैन्य मदद नहीं भेजी है, लेकिन NATO को मजबूत करने के लिए उसने अपने 3,000 अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं और इससे अलग 8,500 सैनिकों को अलर्ट पर रखा है।
इसके अलावा अमेरिका ने 20 करोड़ डॉलर के हथियार भेजे हैं, जिनमें जेवलिन एंटी टैंक मिसाइल और स्टिंगर लड़ाकू विमान-एंटी मिसाइल शामिल हैं। इतना ही नहीं NATO के सदस्य देशों को अमेरिका में बने हथियार यूक्रेन को देने की भी अनुमति दी है।
ब्रिटेन- यूक्रेन को 2,000 किलो मीटर-दूरी के एंटी-टैंक मिसाइल दिए हैं। 350 और सैनिकों को पोलैंड को भेजा है और एस्टोनिया में 900 अतिरिक्त सैनिकों को भेजकर अपनी सैन्य क्षमता दोगुना कर दी है।
साथ ही ब्रिटेन ने अपने लड़ाकू विमानों को दक्षिणी यूरोप भेजा है और एक नौसैनिक जहाज को भी NATO के दूसरे लड़ाकू जहाजों के साथ भूमध्यसागर की निगरानी के लिए भेज दिया है।