रूस ने यूक्रेन पर हमला (Russian attack on Ukraine) कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने गुरुवार को यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई शुरू करने का एलान किया। उन्होंने कहा है कि वह पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों को बचाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। उन्होंने टीवी पर कहा है कि मैंने डोनबस अलगाववादी इलाके के लोगों को बचाने के लिए मिलिट्री ऑपरेशन का फैसला किया है। उन्होंने यूक्रेन के सैनिकों से हथियार डालने और अपने घर चले जाने की अपील की है। आइए जानते हैं कि अब तक क्या-क्या हुआ है।
1. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के टीवी पर युद्ध का ऐलान करने के बाद गुरुवार सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव और पूर्वी शहर मारियूपोल में कई बड़े धमाके सुनने को मिले।
2. संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के एम्बेस्डर ने सिक्योरिटी काउंसिल से कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। उन्होंने रूस के एम्बेस्डर से अपील की कि रूस यूक्रेन के शहरों पर बम नहीं गिराए।
3. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे बगैर उकसावे के की गई कार्रवाई बताया है। उन्होंने इसे रूसी सेना का अनुचित हमला करार दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि दुनिया इसके लिए रूस को जिम्मेदार ठहराएगी।
4. रूस ने युद्ध की शुरुआत तब की है, जब संयुक्त राष्ट्र सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों ने पुतिन से टकराव नहीं बढ़ाने की अपील की थी। यूएन सिक्योरिटी जनरल एंटोनियो गुटारेस ने पुतिन से सीधे तौर पर की गई अपील में कहा था, "मैं अपने दिल से सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं: राष्ट्रपति पुतिन अपनी सेना को यूक्रेन पर हमला करने से रोक लीजिए। शांति को एक मौका दीजिए। पहले ही बहुत लोग मारे जा चुके हैं।"
5. रूस के हमले का सीधा असर ब्रेंट क्रूड के भाव पर पड़ा है। यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। 2014 के बाद से पहली बार ऐसा हुआ है। रूस दुनिया में क्रूड ऑयल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। यह मुख्य रूप से यूरोपीय देशों को क्रूड बेचता है।
6. गुरुवार सुबह इंडियन स्टॉक मार्केट्स में बहुत बड़ी गिरावट आई है। सुबह 9:19 बजे सेंसेक्स 1458 अंक गिर गया। निफ्टी भी 416 अंक गिर गया। बाद में गिरावट और बढ़ गई। सुबह करीब 11 बजे सेंसेक्स 1600 अंक से ज्यादा नीचे चल रहा था।
7. जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने गुरुवार को कहा कि जापान G7 के साथ मिलकर काम करेगा। वह यूक्रेन मसले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करेगा। वह अभी इस मसले पर जानकारियां इकट्ठी कर रहा है।
8. उधर, नाटो ने रूस के इस कदम की आलोचना की है। नाटो प्रमुख जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है, "मैं रूस के इस दुस्साहस और उकसावे के बगैर की की गई कार्रवाई की तीखी आलोचना करता हूं। इससे अनगितन नागरिकों की जान को खतरा पैदा हो गया है। एक बार फिर बार-बार चेतावनी देने और कूटनीति से मसले के समाधान की कोशिशों के बावजूद रूस ने हमले का रास्ता चुना है।"
9.अमेरिका और उसके सहयोगी देश पिछले कुछ हफ्तों से यूक्रेन पर संभावित हमले की चेतावनी दे रहे थे। उन्होंने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमले की भी आशंका जताई थी, क्योंकि पुतिन ने सीमा पर 1,50,000 से अधिक सैनिक तैनात कर दिए थे।
10. इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेनस्की ने राष्ट्र को अपने संबोधन में कहा है कि पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों की मदद की रूस की किसी तरह की कोशिश के चलते तनाव बढ़ेगा। यूक्रेन रूस के लिए कोई खतरा नहीं है, लेकिन अगर उस पर हमला हुआ तो वह अपनी रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को फोन पर बातचीत की गुजारिश का पुतिन ने कोई जवाब नहीं दिया।