पाकिस्तान को नए प्रधानमंत्री के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। सोमवार को नेशनल असेंबली (National Assembly of Pakistan) के सत्र में प्रधानमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है। इससे पहले नेशनल असेंबली में नए प्रधानमंत्री चुनने के लिए वोटिंग होगी। शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) के पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री चुने जाने की उम्मीद है। वह अभी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के प्रेसिडेंट हैं। वह नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता भी है।
पूर्व पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं शहबाज
70 साल के शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) के छोटे भाई हैं। नवाज शरीफ तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। शहबाज का जन्म लाहौर में हुआ था। पढ़ाई के बाद उन्होंने फैमिली बिजनेस को संभाला। एक स्टील कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है।
तीन बार पंजाब के सीएम रह चुके हैं शहबाज
उन्होंने पंजाब प्रांत से राजनीति की शुरुआत की थी। पहली बार वह 1997 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने। वह कुल तीन बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। दूसरी बार 2018 में और तीसरी बार 2013 में वह पंजाब के मुख्यमंत्री बने थे।
सात सात साल तक पाकिस्तान से बाहर रहना पड़ा
पाकिस्तान में तख्तापलट के बाद शहबाज को निर्वासित होना पड़ा। वह 2000 में सऊदी अरब चले गए। वह 2007 में वहां से लौटे। तब से वह पाकिस्तान की राजनीति में सक्रिय हैं। राष्ट्रीय राजनीति में उनका पदार्पण 2017 में हुआ, जब करप्शन के आरोप में उनके बड़े भाई नवाज शरीफ को पीएमएल-एन के प्रमुख पद से इस्तीफा देना पड़ा। शहबाज इस पार्टी के प्रमुख बन गए।
शहबाज के दामन पर भी हैं भ्रष्टाचर के दाग
पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने मनी लाउन्डरिंग के आरोप में दिसंबर 2019 में शहबाज और उनके बेटे से जुड़ी 23 प्रॉपर्टीज को अपने कब्जे में लिया था। एनएबी ने 28 सितंबर, 2020 को शहबाज को गिरफ्तार कर लिया था। 14 अप्रैल, 2021 को लाहौर हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
मार्च में शुरू हुआ इमरान के खिलाफ विरोध
इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के करीब चार साल बाद मार्च में पाकिस्तान में बड़ा राजनीतिक संकट (Political Crisis in Pakistan) पैदा हो गया था। विपक्षी दलों ने आपसी मतभेद भुलाकर इमरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आखिरकार शनिवार रात अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग में इमरान खान की हार हुई।
2018 के चुनाव में पीएमएल-एन दूसरी बड़ी पार्टी थी
इमरान के राजनीतिक दल का नाम पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) है। 2018 में हुए चुनाव में पीटीआई को 149 सीटें मिली थीं। इस तरह यह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। यह दूसरे दलों के समर्थन से सरकार बनाने में सफल रही। शहबाज शरीफ की पीएमल-एन को 82 और बिलावाल भुट्टो की पीपीपी को 54 सीटें मिली थीं।
विपक्ष के मोर्चे के नेता हैं शहबाज
पाकिस्तान में विपक्षी दलों के संयुक्त मोर्चे को पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) नाम दिया गया। इसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम फजल (जेयूआई-एफ) सहित करीब एक दर्जन से ज्यादा राजनीतिक दल शामिल हैं। शहबाज शरीफ इसके प्रमुख है।