अफगानिस्तान के हालात बेहद बदतर होते जा रहे हैं। तालिबानी हमला तेज होता जा रहा है। ऐसे हालात में भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान के कंधार में अपने वाणिज्य दूतावास (consulate) में काम कर रहे कर्मचारियों को लड़ाई के चलते वापस बुला लिया है।
भारत ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि भारत महावाणिज्य दूतावास को बंद नहीं किया गया है। वहां स्थानीय कर्मचारी काम करते रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने अफगानिस्तान के 120 से अधिक जिलों में कब्जा कर लिया है। कुछ अमेरिकी अनुमानों में कहा गया है कि तालिबानी एक साल में अफगानिस्तान में कब्जा कर सकते हैं।
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की सुरक्षा पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। हमारे लिए अपने कर्मचारियों की सुरक्षा करना सबसे पहले है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत के महावाणिज्य दूतावास को बंद नहीं किया गया है। हालांकि कंधार शहर के पास भीषण लड़ाई के चलते भारतीय कर्मचारियों को कुछ समय के लिए वापस बुला लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि यह अस्थाई उपाय है। स्थानीय कर्मचारी वहां काम करते रहेंगे। अरिंदम ने आगे कहा कि काबुल में हमारे दूतावास के जरिए वीजा और कांसुलर सर्विस बनाए रखने के लिए व्यवस्था की जा रही है।
आपको बता दें कि कंधार और मजार-ए-शरीफ में वाणिज्य दूतावासों के साथ काबुल में भारत का दूतावास है, जहां भारत के 500 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। हेरात और जलालाबाद में दो वाणिज्य दूतावासों ने पहले ही काम करना बंद कर दिया था।
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