Turkey Earthquake: तुर्की में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। तुर्की के डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट अथॉरिटी (Turkey's Disaster and Emergency Management Authority – AFAD) के मुताबिक, दक्षिण शहर के पास भूकंप की तीव्रता 7.4 आंकी गई है। भूकंप के झटके तुर्की के गाजियांटेप के पास महसूस किए गए हैं। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (German Research Centre for Geosciences -GFZ) (जीएफजेड) के मुताबिक, सोमवार तड़के मध्य तुर्की में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे था। इसकी तीव्रता 7.9 आंकी गई है। कई इमारतें गिर गई हैं।
भूकंप के झटके काफी देर तक महसूस किए गए। इस दौरान कई मकान ढह गए। घरों की खिड़कियां टूट गईं। तुर्की समेत लेबनान, सीरिया, इजरायल और फिलिस्तीन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के बाद तुर्की में आपातकाल की घोषणा की गई है। भूकंप ने सीरिया में भी भारी तबाही मचाई है। CNN के मुताबिक, तुर्की में कम से कम 76 लोगों की मौत हो चुकी है और 440 से अधिक घायल हैं। वहीं, पड़ोसी देश सीरिया में कम से कम 237 लोगों की मौत हो गई और 630 से अधिक घायल हो गए हैं।
7 किलोमीटर तक भूकंप के झटके
तुर्की की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबकि, राष्ट्रपति रजब तयैब इरदुगान ने भूकंप से पीड़ित सभी लोगों के ठीक होने की दुआ मांगी है। उन्होंने कहा है कि देश की डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट अथॉरिटी (Turkey's Disaster and Emergency Management Authority – AFAD) और दूसरी यूनिट को अलर्ट में रख दिया गया है। AFAD के मुताबिक भूकंप के झटके स्थानीय समयानुसार सुबह 4.17 बजे महसूस किए गए हैं। इस भूकंप का केंद्र पजारिक जिला है। भूकंप के झटके 4.3 मील (सात किलोमीटर) तक महसूस किए गए हैं। नूर्दगी से 23 किलोमीटर पूर्व की ओर यह झटके महसूस किए गए। गाजियांटेप के अलावा दियारबाकिर और पड़ोसी देश सीरिया और लेबनान में भी झटके महसूस हुए हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्की में आए इस भूकंप पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तुर्की में भूकंप के कारण हुई मौतें और संपत्ति के नुकसान से बेहद दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय लोग तर्की के लोगों के साथ एकजुटता के साथ खड़े हैं। भारत भूकंप पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए तत्पर है।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप की वजह से तुर्की का एक शॉपिंग मॉल भी गिर गया है। ये भी कहा जा रहा है कि इस घटना से कई लोगों की मौत हो गई है। हालांकि अभी तक संख्या नहीं पता चल सकी है।
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है। जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।