Turkey-Syria Earthquake: तुर्किये और सीरिया में सोमवार को आए 7.8 की तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में 3700 से अधिक लोगों की मौत हो गई। भूकंप से सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुंचा है। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रह है। इसकी वजह ये है कि बचाव दल अब भी प्रभावित इलाकों में मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। सीमा के दोनों ओर भूंकप का झटका सूर्योदय से पहले महसूस किए गए। लोगों को सर्दी और बारिश के बावजूद बाहर आना पड़ा। भूकंप के बाद अभी भी छोटे-छोटे झटके अब भी महसूस किए जा रहे हैं। कड़ाके ठंड पड़ रही है। ऐसे में राहत और बचाव कार्य दल को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
तुर्किये में 1651 और सीरिया में 1060 लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल मरने वालों की संख्या में बढोत्तरी हो सकती है। तुर्किये में ही अभी तक 11000 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि भूकंप वाले क्षेत्र में कई इमारतों का मलबा को हटाने का काम जारी है। हम नहीं जानते कि मृतकों और घायलों की संख्या कितनी बढ़ेगी।
तुर्किये में आए भूकंप से लोगों के हाल बेहाल है। हर तरफ चीख पुकार मची हुई है। चारो तरफ से बचाव-बचाव की आवाजें आ रही हैं। भूकंप का केंद्र तुर्किये का दक्षिण पूर्वी प्रांत कहरमनमारस था। इसके झटके दूर काहिरा तक महसूस किए गए। दमिश्क में भी लोगों को भूकंप की वजह से सड़कों पर आना पड़ा। बेरूत में जब झटके महसूस हुए, तब लोग सो रहे थे। वहीं भूकंप सीरिया के उस क्षेत्र में आया। जहां एक दशक से अधिक समय से गृह युद्ध जारी है और प्रभावित इलाका सरकार और विद्रोहियों में बंटा हुआ है। उनके चारों ओर रूस समर्थित सरकारी सेनाएं तैनात हैं। वहीं तुर्की वाले इलाके में संघर्ष की वजह से लाखों शरणार्थी बसे हुए हैं।
वहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में बेघर हुए लोगों के हालत और ज्यादा खराब हो रहे हैं। कहरमनमारस के उत्तरी इलाकों में लोग आग के सहारे बैठे हैं। वहीं कुछ लोग कंबल ओढ़कर बैठे हैं। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि हम अपने बच्चों के साथ भूखे प्यासे भटक रहे हैं।
1999 में भी भूकंप के झटके
अगस्त 2021 में साउथ अटलांटिक में आए भूकंप के बाद अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे द्वारा अब तक यह सबसे बड़ा भूकंप का झटका है। तुर्किए के Disaster and Emergency Management Authority (AFAD) के मुताबिक, इस बार के भूकंप में 2316 लोगों की मौत हो चुकी है और 1300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं 1999 में जब भूकंप आया था, तब 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
तुर्किये में लोग भूकंप प्रभावित इलाकों को छोड़कर बाहर जाना चाहते हैं। जिसकी वजह से यातायात जाम की स्थिति खड़ी हो गई। इमरजेंसी टीम को घटनास्थलों पर पहुंचने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने लोगों से सड़कों पर नहीं आने की अपील की है। इलाके की मस्जिदों को उन लोगों के लिए खोल दिया गया है, जो बेघर हो गए हैं। वहां तापमान शून्य के करीब है। भूकंप की वजह से गैजियांतेप की पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक कैसल को नुकसान पहुंचा है।