क्या दुनिया का सबसे ताकतवर देश दिवालिया होने के रास्ते पर बढ़ रहा है? यह सवाल आपको चौंका सकता है। लेकिन, टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क के बयान के बाद कई लोग यह सवाल पूछ रहे हैं। मस्क ने 11 फरवरी को कहा है कि अगर सरकार ने अपना बजट नहीं घटाया तो अमेरिका दिवालिया हो जाएगा। मस्क के इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है। खासकर तब जब अमेरिका के नए राष्ट्रपति ने मस्क को सरकार के खर्च में कमी लाने के उपाय करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
अमेरिका की जीडीपी इंडिया की जीडीपी का आठ गुना
अमेरिका की जीडीपी (US GDP) करीब 30 लाख करोड़ (ट्रिलियन) डॉलर है। यह इंडिया की जीडीपी के मुकाबले 8 गुना से ज्यादा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप खुद एक कारोबारी हैं। उन्हें नफानुकसान का कैलकुलेशन समझ में आता है। अमेरिका के राष्ट्रपति होने के नाते उनका फोकस अमेरिकी सरकार की वित्तीय स्थिति को ठीक करना है। यही वजह है कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियंसी (DOGE) बनाया है। इसके हेड एलॉन मस्क (Elon Musk) हैं। मस्क इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी Tesla के सीईओ हैं। SpaceX और Twitter भी उन्हीं की कंपनियां हैं। Twitter का नाम अब X हो गया है।
अमेरिका में बजट घाटा 1.8 ट्रिलियन डॉलर के पार
मस्क ने 11 फरवरी को व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ चर्चा में अमेरिकी सरकार के खर्च को लेकर चिंता जताई। गौरतलब है कि राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप ने अमेरिकी सरकार के खर्च में कमी के लिए कई बड़े उपायों का ऐलान किया है। इसके बावजूद मस्क का कहना है कि अगर और उपाय नहीं किए गए तो अमेरिका दिवालिया हो सकता है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका का बढ़ता बजट घाटा है, जो 2024 के आखिर में 1.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। यह इंडिया की जीडीपी का करीब आधा है।
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खर्च में कमी के उपायों पर कोर्ट ने पूछे सवाल
हालांकि, सरकार के खर्च में कमी लाना ट्रंप के लिए आसान नहीं होगा। इस बारे में कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। अमेरिका में फेडरल कोर्ट के जजों ने सरकार के खर्च में कमी करने के ट्रंप के उपायों की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं। ट्रंप ने खर्च घटाने के लिए सरकार के कई डिपार्टमेंट पर ताला लगा दिया है। इससे बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे लोगों ने ट्रंप के फैसलों को कोर्ट में चैलेंज किया है। इससे देशभर में ट्रंप की इस कोशिश को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।