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क्या अमेरिका के लिए ‘मुसीबत’ बन गई अच्छी जॉब ग्रोथ? इस साल ब्याज दर में 1.25% और बढ़ोतरी को हो सकता मजबूर

ब्लूमबर्ग के इकोनॉमिस्ट्स के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक, पिछले महीने संभवतः पेरोल्स यानी नौकरियों में लगभग 2,50,000 की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बेरोजगारी दर (unemployment rate) 3.7 रह सकती है जो पांच दशक के निचले स्तर से कुछ ही ज्यादा है

Curated By: Mohit Parasharअपडेटेड Oct 02, 2022 पर 10:53 AM
क्या अमेरिका के लिए ‘मुसीबत’ बन गई अच्छी जॉब ग्रोथ? इस साल ब्याज दर में 1.25% और बढ़ोतरी को हो सकता मजबूर
लगातार तीसरी बार ब्याज दर में 75 बीपीएस की बढ़ोतरी के बाद फेड के चेयरमैन जीरोम पॉवेल ने संकेत दिए थे कि जॉब ग्रोथ में मजबूती के बावजूद इसमें नरमी रह सकती है

शुक्रवार, 7 अक्टूबर को आने वाले सितंबर के अमेरिका के जॉब संबंधी आंकड़ों में मध्यम लेकिन अच्छी पेरोल ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इससे फेडरल रिजर्व को अपनी सख्त पॉलिसी की नीति को जारी रखने की गुंजाइश मिल सकती है।

ब्लूमबर्ग के इकोनॉमिस्ट्स के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक, पिछले महीने संभवतः पेरोल्स यानी नौकरियों में लगभग 2,50,000 की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बेरोजगारी दर (unemployment rate) 3.7 रह सकती है जो पांच दशक के निचले स्तर से कुछ ही ज्यादा है।

जॉब मार्केट पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सीमित असर

भले ही रोजगार में बढ़ोतरी 2020 के अंत से अभी तक सबसे कम होगी, लेकिन यह पिछले पांच साल की औसत बढ़ोतरी से अभी भी ज्यादा होगी। लेबर के लिए ऐसी स्थायी डिमांड वेज ग्रोथ बढ़ने का रिस्क पैदा होगा। साथ ही इससे संकेत मिलते हैं कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी के साथ महंगाई को काबू में रखने के फेड के प्रयासों का जॉब मार्केट पर अभी तक सीमित असर हुआ है।

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