शुक्रवार, 7 अक्टूबर को आने वाले सितंबर के अमेरिका के जॉब संबंधी आंकड़ों में मध्यम लेकिन अच्छी पेरोल ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इससे फेडरल रिजर्व को अपनी सख्त पॉलिसी की नीति को जारी रखने की गुंजाइश मिल सकती है।

शुक्रवार, 7 अक्टूबर को आने वाले सितंबर के अमेरिका के जॉब संबंधी आंकड़ों में मध्यम लेकिन अच्छी पेरोल ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इससे फेडरल रिजर्व को अपनी सख्त पॉलिसी की नीति को जारी रखने की गुंजाइश मिल सकती है।
ब्लूमबर्ग के इकोनॉमिस्ट्स के बीच किए गए सर्वे के मुताबिक, पिछले महीने संभवतः पेरोल्स यानी नौकरियों में लगभग 2,50,000 की बढ़ोतरी हुई है। वहीं बेरोजगारी दर (unemployment rate) 3.7 रह सकती है जो पांच दशक के निचले स्तर से कुछ ही ज्यादा है।
जॉब मार्केट पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सीमित असर
भले ही रोजगार में बढ़ोतरी 2020 के अंत से अभी तक सबसे कम होगी, लेकिन यह पिछले पांच साल की औसत बढ़ोतरी से अभी भी ज्यादा होगी। लेबर के लिए ऐसी स्थायी डिमांड वेज ग्रोथ बढ़ने का रिस्क पैदा होगा। साथ ही इससे संकेत मिलते हैं कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी के साथ महंगाई को काबू में रखने के फेड के प्रयासों का जॉब मार्केट पर अभी तक सीमित असर हुआ है।
2022 में ब्याज दरों में 125 बीपीएस की और बढ़ातरी संभव
लगातार तीसरी बार ब्याज दर में 75 बीपीएस की बढ़ोतरी के बाद फेड के चेयरमैन जीरोम पॉवेल ने संकेत दिए थे कि जॉब ग्रोथ में मजबूती के बावजूद इसमें नरमी रह सकती है। सर्वे में पॉलिसी मेकर ने इस साल आगे औसतन 125 बीपीएस की बढ़ोतरी का अनुमान जाहिर किया है।
ऊंची बेरोजगारी की होगी जरूरत
बोस्टन फेड प्रेसिडेंट सुसान कोलिंस ने 26 सितंबर की अपनी स्पीच में कहा, “मुझे उम्मीद है कि कीमतों में स्थिरता के लिए रोजगार में सुस्त ग्रोथ और एक हद तक ऊंची बेरोजगारी दर (unemployment rate) की जरूरत होगी।”
मंथली लेबर रिपोर्ट के अलावा, अगस्त की जॉब ओपनिंग्स और सितंबर के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज के आंकड़े भी इसी हफ्ते जारी किए जाएंगे।
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