भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने 24 मई को स्विट्जरलैंड (Switzerland) के दावोस (Davos) में कहा कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल "टिकाऊ नहीं है।" दावोस में कई देशों के प्रमुख और वैश्विक व्यापार जगत के लीडर वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम (WEF) समिट के लिए पहुंचे हैं।
मंत्री का बयान उस दिन आया, जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 113 डॉलर के पार हो गई और WTI क्रूड 110 डॉलर पर पहुंच गया। क्रूड की भारतीय बास्केट 23 मई को 110.98 डॉलर प्रति बैरल थी, जिसमें दुबई, ओमान और ब्रेंट क्रूड शामिल हैं।
पुरी ने CNBC-TV18 से बात करते हुए कहा, "110 डॉलर प्रति बैरल पर तेल की कीमत टिकाऊ नहीं है। सच यह है कि यह टिकाऊ नहीं है, भारत के आसपास के देशों में भी ये देखा गया है। साथ ही अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में भी ऐसा ही देखने को मिला है।"
उन्होंने कहा कि वैश्विक कीमतें भारत जैसे देशों के लिए प्रमुख चिंता का विषय हैं। भारत अपनी ईंधन जरूरत का 85 प्रतिशत इंपोर्ट करता है।
मंत्री ने सुझाव दिया, तेल उत्पादक देशों के पास वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के फ्लो को कंट्रोल करने का उनका संप्रभु अधिकार है, लेकिन स्थिति प्रोडक्शन में बढ़ोतरी को अनिवार्य बनाती है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "हर किसी को इस तथ्य पर गौर करना चाहिए कि यह अस्तित्व के लिए खतरा है।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत समेत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, भविष्य में संक्रमण के कारण वर्तमान ऊर्जा स्रोतों के बाधित होने का जोखिम नहीं उठा सकता।" पुरी ने कहा कि चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद, भारत सरकार ने नागरिकों पर पड़ने वाले असर को कम करने के उपाय किए हैं।
उन्होंने कहा, "पेट्रोल पर 8 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में कटौती कोई पहली बार किया गया उपाय नहीं है। इससे पहले हमने पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 10 रुपए की कटौती की थी।" पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत को कई वैश्विक संकटों से बचा लिया है।