कोरोना की महामारी (Covid Pandemic) के बीच हर 30 घंटे में दुनिया में एक नया बिलियनेयर बना है। अब इसी रफ्तार से 10 लाख लोग घोर गरीबी में जा सकते हैं। चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन ऑक्सफैम (Oxfam) ने यह बात कही है। उसने सोमवार को स्विट्जरलैंड के दावोस (Davos) में World Economic Forum में यह जानकारी दी।
ऑक्सफैम ने अमीर लोगों पर टैक्स बढ़ाकर लोगों को गरीबी से निकालने पर जोर दिया है। उसने कहा कि यह अमीरों पर टैक्स बढ़ाने का सही वक्त है। पहाड़ों से घिरे दावोस में दो साल के बाद World Economic Forum की बैठक हो रही है। यह बैठक 23 मई (सोमवार) को शुरू हुई है। यह 25 को खत्म हो जाएगा। कोरोना की महामारी की वजह से यह बैठक दो साल बाद हो रही है।
ऑक्सफैम ने कहा है कि इस साल 26.3 करोड़ लोगों के घोर गरीबी में जाने का अनुमान है। इसका मतलब है कि हर 33 घंटों में 10 लाख लोग गरीबी में चले जाएंगे। उसने कहा है कि कोरोना की महामारी ने पहले ही लोगों की जिंदगी मुश्किल बनाई है, अब महंगाई कोढ़ में खाज का काम कर रही है।
एक तरफ जहां बड़ी संख्या में लोग घोर गरीबी में जा रहे हैं, वहीं कोरोना की महामारी के बीच 573 लोग बिलियनेयर बने हैं। इसका मतलब है कि हर 30 घंटे में एक नया बिलियनेयर बना है। यह तथ्य चौंकाने वाला है।
ऑक्सफैम की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर गैब्रिला बचर ने कहा कि दुनियाभर के बिलियनेयर अपनी संपत्ति में इजाफा का जश्न मनाने के लिए दावोस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी और अब फूड और एनर्जी की कीमतें बढ़ने से अमीरों को बहुत फायदा हुआ है।
इस चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन ने बिलियनेयर पर 'Solidarity Tax' लगाने की सलाह दी है। इससे महंगाई की मार से बेहाल लोगों की मदद की जा सकती है। साथ ही उन्हें कोरोना की मार से बाहर निकाला जा सकता है। उसने यह भी कहा है कि बड़ी कंपनियों पर एक्सेस प्रॉफिट टैक्स भी लगाया जा सकता है। यह बहुत ज्यादा प्रॉफिट पर 90 फीसदी हो सकता है।
आॉक्सफैम ने यह भी कहा है कि मिलियनेयर पर सालाना 2 फीसदी वैल्थ टैक्स लगाने से एक साल में 2.52 लाख करोड़ डॉलर हासिल हो सकते हैं। इससे 2.3 अरब लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सकता है। इससे गरीब देशों के लोगों को यूनिवर्सल हेल्थकेयर सुविधा भी मुहैया कराई जा सकती है। उसने कहा है कि उसका यह कैलकुलेशन फोर्ब्स की बिलियनेयर की लिस्ट और वर्ल्ड बैंक के डेटा पर आधारित है।