विवादित इस्लामी उपदेशक और भगोड़े भारतीय जाकिर नाइक (Zakir Naik) को जल्द ही ओमान (Oman) से गिरफ्तार कर भारत लाया जा सकता है। News18.com को सूत्रों ने बताया कि कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को इस सप्ताह ओमान से भारत निर्वासित किया जा सकता है। शीर्ष खुफिया सूत्रों ने News18 को बताया कि जाकिर नाइक 23 मार्च से ओमान यात्रा पर जाने वाला है। उसी दौरान उसे हिरासत में लेने के लिए भारतीय खुफिया एजेंसियां पहले से ही ओमान के अधिकारियों के संपर्क में हैं।
रिपोर्ट की मानें तो नाइक को ओमान में दो लेक्चर देने के लिए आमंत्रित किया गया है। उसका पहला लेक्चर ‘कुरान एक वैश्विक जरूरत (The Quran a Global Necessity)’ का आयोजन ओमान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय द्वारा किया गया है, जो रमजान के पहले दिन यानी 23 मार्च को होनी है। वहीं, दूसरा लेक्चर ‘पैगंबर मुहम्मद- इंसानों के लिए एक रहमत (Prophet Muhammad A Mercy to Humankind)’ 25 मार्च की शाम को सुल्तान कबूस यूनिवर्सिटी में निर्धारित है।
खबर है कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय कानूनों के तहत उसे हिरासत में लेने और फिर भारत निर्वासित करने के लिए वहां की एजेंसियों के संपर्क में है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि इस बात की प्रबल संभावना हैं कि स्थानीय अधिकारी उनके अनुरोध पर अमल करते हुए उसे हिरासत में ले लें।
भारतीय एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी टीम ओमान भेजने की संभावना है। पिछले दिनों विदेश मंत्रालय द्वारा इस मामले को ओमानी राजदूत के समक्ष भी उठाया गया था। इसी तरह, ओमान में भारतीय राजदूत ने भी ओमानी विदेश मंत्रालय के सामने यह मुद्दा उठाया है।
जाकिर नाइक भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और भड़काउ भाषण देने और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों का सामना कर रहा है। नाइक कथित तौर पर 2016 में भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था, जहां उसे स्थायी निवास प्रदान किया गया। वह तभी से मलेशिया में एक भगोड़े के रूप में निर्वासन में रह रहा है।
उसने बाद में वहां की नागरिकता ले ली थी। नाइक को आखिरी बार पिछले साल नवंबर में सार्वजनिक तौर पर देखा गया था, जब कतर ने उसे फीफा वर्ल्ड कप 2022 में धार्मिक उपदेश देने के लिए आमंत्रित किया था। भारत मलेशिया से भी उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध कर चुका है।