फाइनेंशियल फ्रीडम (वित्तीय स्वतंत्रता) से आशय ऐसी स्थिति से है जब हमें पैसों के लिए काम करने की आवश्यकता नहीं रह जाए अर्थात हमारे द्वारा अर्जित संपत्ति से हमें इतना पैसा मिलता रहे कि जीवनभर हम अपनी एवं अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें। ग्लोबलाइजेशन के इस युग में कम से कम रिटायरमेंट तक तो फाइनेंशियल फ्रीडम हासिल करना आवश्यक है, जिससे हम अपने बुढ़ापे में किसी पर निर्भर न रहें।
