7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारी हो जाएं अलर्ट, शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले रखें ध्यान, सरकार ने बनाएं नए नियम

7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए शेयर बाजार में निवेश के लिए नए नियम आ गए हैं। अखिल भारतीय सेवाओं (AIS) में सरकारी कर्मचारियों को शेयरों, सिक्योरिटीज या अन्य निवेशों की खरीद या सेल में बार-बार सट्टा लगाने की अनुमति नहीं है। हालांकि, उन्हें कुछ कानूनों के तहत रजिस्टर स्टॉक ब्रोकरों के माध्यम से शेयरों में कभी-कभी निवेश करने की अनुमति है

अपडेटेड Apr 14, 2023 पर 6:40 PM
7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए शेयर बाजार में निवेश के लिए नए नियम आ गए हैं।

7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए शेयर बाजार में निवेश के लिए नए नियम आ गए हैं। अखिल भारतीय सेवाओं (AIS) में सरकारी कर्मचारियों को शेयरों, सिक्योरिटीज या अन्य निवेशों की खरीद या सेल में बार-बार सट्टा लगाने की अनुमति नहीं है। हालांकि, उन्हें कुछ कानूनों के तहत रजिस्टर स्टॉक ब्रोकरों या अन्य व्यक्तियों के माध्यम से शेयरों में कभी-कभी निवेश करने की अनुमति है।

सरकारी कर्मचारियों के शेयर बाजार में निवेश के लिए बदले नियम

डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) ने हाल के एक सर्कुलर में कहा है कि AIS के सदस्यों को स्टॉक या शेयरों में अपने निवेश की डिटेल्स की जानकारी तय की गई अथॉरिटी को देनी होगी। इसमें नियम है कि अगर एक कैलेंडर ईयर के दौरान छह महीने के बेसिक वेतन से अधिक का निवेश है तो इसकी जानकारी देनी होगी।


6 महीने की बेसिक सैलरी जितना आसानी से कर सकते हैं शेयर मार्केट में निवेश

ये जानकारी अगले साल के 31 जनवरी तक देनी होगी। इसका मतलब ये हुआ कि AIS सदस्य प्राधिकरण को बताए बिना अपने छह महीने के बेसिक वेतन से कम पैसा ही शेयर बाजार में निवेश कर सकते हैं। एआईएस के सदस्यों को दिया जाने वाला वेतन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।

ये होंगे नए नियम

AIS (Conduct) नियम 1968 के नियम (14(1) के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों को सभी सदस्यों के संबंध में किसी भी स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश आदि में लेनदेन पर नजर रखने में सक्षम बनाने के लिए। इंडिया सर्विसेज (AI) के मामले में यह निर्णय लिया गया है कि स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश आदि में कुल लेनदेन सरकारी कर्मचारी के छह महीने के बेसिक वेतन से अधिक होने पर पहर एक साल एक तय प्रोफार्मा में इसकी जानकारी देनी होगी। एक कैलेंडर ईयर की जानकारी 31 जनवरी तक देनी होगी।

इन नियम के तहत देनी होगी जानकारी

AIS सदस्य को प्राधिकरण को उस मामले में भी जानकारी देनी होगी जिसमें निवेश 2 महीने की बेसिक सैलरी से अधिक है। डीओपीटी ने नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि यह भी स्पष्ट किया जाता है कि चूंकि एआईएस (Conduct) नियम 1968 के नियम 16 के तहत स्पष्टीकरण-I के अनुसार शेयर, ,सिक्योरिटीज, डिबेंचर आदि को मूवेबल प्रॉपर्टी माना माना जाता है, यदि एक व्यक्ति का ट्रांजेक्शन दो महीने के बेसिक वेतन से अधिक है।

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