7th Pay Commission: आखिरकार कर्नाटक सरकार ने राज्य के कर्मचारियों की मांग को मान लिया है। राज्य सरकार के बेसिक सैलरी में 17 फीसदी की अंतरिम (Interim) बढ़ोतरी के ऐलान के बाद राज्य सरकार के कर्मचारियों ने हड़ताल को टाल दिया है। इसके अलावा राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को फिर वापिस लाने की संभावना की जांच के लिए एक समिति गठित करने का भी फैसला लिया है।
कर्मचारियों ने किया था हड़ताल का ऐलान
हाल में ही कर्नाटक राज्य के कर्मचारियों ने 7वां वेतन आयोग नहीं लागू करने के कारण हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था। कर्मचारियों ने कहा था कि अगर राज्य सरकार 1 मार्च तक कर्मचारी संघ की मांगों को नहीं मानती, तो कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं। कर्मचारियों के मुताबिक उन्होंने सरकार को 1 मार्च 2023 तक का समय दिया था। हालांकि, इससे पहले ही सरकार ने वेतन बढ़ाने का ऐलान कर दिया।
मंगलवार रात एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार सुबह वित्त विभाग के अधिकारियों और केएसजीईए के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2023 से सरकारी कर्मचारियों के बेसिक वेतन में 17 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए एक आदेश जारी कर दिया।
पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए बनाई कमेटी
कर्नाटक सरकार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को उन राज्यों का दौरा करने का भी निर्देश जारी किया है जिसमें पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया गया है और वहां एनपीएस को खत्म कर दिया गया है। साथ ही 2 महीने में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इस कदम से सरकार का खर्च 12,000 करोड़ रुपये बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि हम राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को वेतन में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर रहे हैं। साथ ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर कमेटी भी बनाई जा रही है।