8th Pay Commission पर 5 बड़े अपडेट! फिटमेंट फैक्टर, HRA और सैलरी में बढ़ोतरी की पूरी डिटेल

8th Pay Commission Latest Updates: NC-JCM समेत विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने आयोग को दिए अपने मेमोरेंडम में सालाना इंक्रीमेंट की दर को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% तक करने की मांग की है। साथ ही कर्मचारी यूनियनों ने महंगाई के बढ़ते स्तर को देखते हुए HRA की शुरुआती दरों को बढ़ाने की मांग रखी है

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 4:50 PM
कर्मचारी संगठन 2.86x से लेकर 3.25x तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं

8th Pay Commission Latest News: देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित आयोग कर्मचारियों के संगठनों, यूनियनों और हितधारकों के साथ लगातार बैठकें और परामर्श प्रक्रिया चला रहा है।

अगर आप भी 8वें वेतन आयोग के लागू होने, फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में होने वाले बदलावों का इंतजार कर रहे हैं, तो जानिए इससे जुड़े 5 सबसे महत्वपूर्ण और लेटेस्ट अपडेट्स:

1. बातचीत तेज: कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकें शुरू


8वें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों से फीडबैक और मेमोरेंडम लेने के बाद उनके साथ आमने-सामने की बैठकें तेज कर दी हैं। आयोग दिल्ली, जयपुर, कोलकाता सहित विभिन्न शहरों में रीजनल कंसल्टेशन कर रहा है। इन बैठकों में कर्मचारियों की ओर से फिटमेंट फैक्टर, बेसिक पे, अलाउंस और इंक्रीमेंट रेट को लेकर अपनी मांगें आयोग के सामने रखी जा रही हैं।

2. फिटमेंट फैक्टर: सैलरी तय करने वाला सबसे बड़ा फॉर्मूला

8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है, जो नए पे-मैट्रिक्स के तहत पुरानी बेसिक सैलरी को नए बेसिक में मल्टीप्लाई करने का काम करता है।कर्मचारी संगठन 2.86x से लेकर 3.25x तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक आयोग 1.92x से 2.57x के बीच फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश कर सकता है।

अगर सरकार 2.57x या इससे अधिक का फिटमेंट फैक्टर तय करती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी जो फिलहाल 7वें वेतन आयोग में ₹18,000 है, वह बढ़कर ₹46,000 से ₹50,000 प्रति महीने तक हो सकती है।

3. HRA और अन्य भत्तों में होगी बड़ी बढ़ोतरी

वेतन आयोग के लागू होते ही हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और अन्य भत्तों में बड़ा संशोधन होगा। 7वें वेतन आयोग में शहरों की कैटेगरी (X, Y, Z) के आधार पर HRA दिया जाता है। जैसे ही नई बेसिक पे लागू होगी, नए बेसिक के आधार पर HRA रि-कैल्कुलेट होगा।

कर्मचारी यूनियनों ने महंगाई के बढ़ते स्तर को देखते हुए HRA की शुरुआती दरों को बढ़ाने की मांग रखी है। बेसिक सैलरी में बड़े उछाल के चलते टेक-होम सैलरी (NPS/PF कटौती के बाद) में सीधे 25% से 35% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

4. इंक्रीमेंट रेट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग

नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) समेत विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने आयोग को दिए अपने मेमोरेंडम में सालाना इंक्रीमेंट की दर को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% तक करने की मांग की है।

वित्तीय विश्लेषकों के आंकड़ों के मुताबिक, अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.1x रहता है और सालाना इंक्रीमेंट 6% हो जाता है, तो लेवल 10 और लेवल 12 के अधिकारियों की 10 साल की कुल ग्रॉस सैलरी में ₹24 लाख से ₹34 लाख तक का अतिरिक्त फायदा हो सकता है।

5. लागू होने की तारीख और एरियर का हिसाब

8वें वेतन आयोग के लिए 1 जनवरी 2026 को कट-ऑफ या रेफरेंस डेट माना गया है। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए नवंबर 2025 से 18 महीने का समय दिया गया है। रिपोर्ट आने और कैबिनेट मंजूरी मिलने के बाद, यह संभावना जताई जा रही है कि वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी 2027 में लागू होगी। रोलआउट 2027 में होगा, लेकिन कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लागू होने की तारीख का पूरा एरियर एकमुश्त दिया जाएगा।

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