8th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग के जैसे फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहा तो इस बार कितनी बढ़ेगी सैलरी? देखें लेवल 1, 5, 7 और 10 का पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Salary Calculator: अगर सरकार 7वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर (2.57) को ही आधार मानकर आगे बढ़ती है, तो भी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों में ढाई गुना से अधिक की वृद्धि तय है। हालांकि, विभिन्न कर्मचारी यूनियन सरकार से फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 करने की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार उस मांग को मानती है, तो सैलरी का यह आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है

अपडेटेड Jul 17, 2026 पर 11:47 AM
देखिए अलग-अलग पे-मैट्रिक्स लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में कितना इजाफा होगा

8th Pay Commission Salary and HRA Calculation: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवां वेतन आयोग इस समय सबसे बड़ा और चर्चित विषय बना हुआ है। कर्मचारी संगठनों की ओर से लगातार नए वेतन आयोग के गठन और सैलरी रिवीजन की मांग की जा रही है।

आमतौर पर कर्मचारियों के मन में यह सवाल होता है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी बेसिक सैलरी और भत्तों में कितनी बढ़ोतरी होगी। अगर सरकार 8वें वेतन आयोग में भी वही फिटमेंट फैक्टर लागू रखती है जो 7वें वेतन आयोग में था, तो अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों की सैलरी और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर क्या असर पड़ेगा? आइए लेवल 1, 5, 7 और 10 के कर्मचारियों के लिए इसका पूरा गणित समझते हैं।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और 7वें आयोग में यह कितना था?


वेतन आयोग जब भी अपनी सिफारिशें देता है, तो पुरानी बेसिक सैलरी से नई बेसिक सैलरी तय करने के लिए एक फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है, जिसे फिटमेंट फैक्टर कहते हैं।

7वें वेतन आयोग का आधार: 7वें वेतन आयोग में सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था। इसके आधार पर ही न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 की गई थी।

कैलकुलेशन का नियम: अगर 8वें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर को 2.57 ही रखा जाता है, तो वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी में 2.57 से गुना करके नई बेसिक सैलरी तय की जाएगी।

लेवल 1 से लेवल 10: सैलरी में बढ़ोतरी का पूरा गणित

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहता है, तो एंट्री लेवल के आधार पर अलग-अलग पे-मैट्रिक्स लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी इस प्रकार बदल जाएगी:

1. लेवल 1 (एमटीएस, ट्रैकमैन, ग्रुप 'डी' कर्मचारी)

वर्तमान शुरुआती बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹18,000

8वें वेतन आयोग में संभावित बेसिक सैलरी: ₹18,000 × 2.57 = ₹46,260

बेसिक सैलरी में सीधी बढ़ोतरी: ₹28,260

2. लेवल 5 (सीनियर क्लर्क, ऑडिटर, रेलवे गुड्स गार्ड)

वर्तमान शुरुआती बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹29,200

8वें वेतन आयोग में संभावित बेसिक सैलरी: ₹29,200 × 2.57 = ₹75,044

बेसिक सैलरी में सीधी बढ़ोतरी: ₹45,844

3. लेवल 7 (सेक्शन ऑफिसर, इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, ग्रुप 'बी' नॉन-गेजेटेड)

वर्तमान शुरुआती बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹44,900

8वें वेतन आयोग में संभावित बेसिक सैलरी: ₹44,900 × 2.57 = ₹1,15,393

बेसिक सैलरी में सीधी बढ़ोतरी: ₹70,493

4. लेवल 10 ( ग्रुप 'ए' एंट्री लेवल ऑफिसर्स, असिस्टेंट कमिश्नर, डॉक्टर्स)

वर्तमान शुरुआती बेसिक सैलरी (7th CPC): ₹56,100

8वें वेतन आयोग में संभावित बेसिक सैलरी: ₹56,100 × 2.57 = ₹1,44,177

बेसिक सैलरी में सीधी बढ़ोतरी: ₹88,077

लेवल 1 से लेवल 10: सैलरी में बढ़ोतरी का पूरा गणित

नोट: यह कैलकुलेशन शुरुआती एंट्री-लेवल बेसिक सैलरी के आधार पर है। जो कर्मचारी वर्तमान में प्रमोशन या इंक्रीमेंट पा चुके हैं, उनकी मौजूदा बेसिक सैलरी के हिसाब से यह आंकड़ा और ज्यादा होगा।

हाउस रेंट अलाउंस पर क्या होगा असर?

केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक, HRA की गणना हमेशा बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। शहरों को तीन श्रेणियों X, Y और Z में बांटा गया है। वर्तमान नियमों के तहत जब डीए 50% पार हो चुका है HRA की दरें क्रमशः 30%, 20% और 10% हैं।

जब नया वेतन आयोग लागू होगा और बेसिक सैलरी बढ़ेगी, तो उसी अनुपात में HRA की मिलने वाली वास्तविक रकम में भी बंपर उछाल आएगा।

हाउस रेंट अलाउंस पर क्या होगा असर?

उदाहरण से समझें: वर्तमान में लेवल 1 के कर्मचारी को X श्रेणी के शहर में ₹18,000 की बेसिक पर 30% के हिसाब से ₹5,400 HRA मिलता है। नए आयोग के बाद यह बढ़कर ₹13,878 हो जाएगा, यानी HRA में सीधे तौर पर ₹8,478 की बढ़ोतरी होगी।

टोटल टेक-होम सैलरी में होगा बड़ा इजाफा

बेसिक सैलरी और HRA के अलावा कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य भत्ते जैसे डियरनेस अलाउंस (DA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) भी नई बेसिक सैलरी के आधार पर री-कैलकुलेट किए जाएंगे। हालांकि, नया वेतन आयोग लागू होते ही शुरुआती दौर में डीए को शून्य कर दिया जाता है, लेकिन बेसिक सैलरी इतनी बढ़ जाती है कि कुल टेक-होम सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

अगर सरकार 7वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर (2.57) को ही आधार मानकर आगे बढ़ती है, तो भी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों में ढाई गुना से अधिक की वृद्धि तय है। हालांकि, विभिन्न कर्मचारी यूनियन सरकार से फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 करने की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार उस मांग को मानती है, तो सैलरी का यह आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है।

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