8th Pay Commission News: कितनी बढ़ सकती है आपकी सैलरी? फिटमेंट फैक्टर कैलकुलेटर से जानें पे-ग्रेड के हिसाब से पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Fitment Factor: सरकार की तरफ से अभी तक 8th Pay Commission के फिटमेंट फैक्टर पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन सूत्रों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह 2.28 से लेकर 3.83 के बीच हो सकता है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से देश के 1.1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा

अपडेटेड May 24, 2026 पर 10:19 AM
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जानें अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के अनुमान के हिसाब से आपकी बेसिक सैलरी कितनी हो जाएगी

8th Pay Commission Fitment Factor: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। नए वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन कितनी बढ़ेगी, यह काफी हद तक फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है। 3 नवंबर 2025 को वेतन आयोग के गठन के बाद से ही कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह फिटमेंट फैक्टर कैलकुलेटर कैसे काम करता है और अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के अनुमान के हिसाब से आपकी बेसिक सैलरी कितनी हो जाएगी।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?


फिटमेंट फैक्टर एक तरह का गणितीय गुणक है। इसका इस्तेमाल केंद्रीय वेतन आयोग कर्मचारियों की पुरानी या मौजूदा बेसिक सैलरी या पेंशन को नए वेतन ढांचे में बदलने के लिए करता है।

इसकी शुरुआत छठे और सातवें वेतन आयोग के दौरान हुई थी। इससे पहले सैलरी बढ़ाने के लिए पे-रैशनलाइजेशन और महंगाई भत्ते (DA) के मर्जर जैसे जटिल तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था।

कैसे काम करता है फिटमेंट फैक्टर कैलकुलेटर?

अपनी नई बेसिक सैलरी का अनुमान लगाने के लिए एक बेहद आसान फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है:

मौजूदा बेसिक पे×फिटमेंट फैक्टर= नया बेसिक पे

7वें वेतन आयोग का उदाहरण: 7th CPC में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके तहत छठे वेतन आयोग की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 को 2.57 से गुणा किया गया, जिससे न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर ₹18,000 हो गई (7000×2.57= 17990 जिसे राउंड ऑफ करके ₹18000 किया गया)।

8वें वेतन आयोग में कितना होगा फिटमेंट फैक्टर?

हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक 8th Pay Commission के फिटमेंट फैक्टर पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन सूत्रों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह गुणक 2.28 से लेकर 3.83 के बीच हो सकता है।

पे-ग्रेड के हिसाब से समझें सैलरी का पूरा गणित

अगर सरकार न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर (2.28) या अधिकतम फिटमेंट फैक्टर (3.83) को मंजूरी देती है, तो अलग-अलग पे-ग्रेड वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर क्या असर पड़ेगा, इसे ऐसे आसानी से समझा जा सकता है:

मौजूदा बेसिक सैलरी (7th CPC)  2.28 फिटमेंट फैक्टर पर नई बेसिक सैलरी  3.83 फिटमेंट फैक्टर पर नई बेसिक सैलरी
₹18000 (न्यूनतम सैलरी ग्रेड)  ₹41040 ₹68940
₹25000  ₹57000 ₹95750
₹35000 ₹79800 ₹134050
₹45000  ₹102600 ₹172350
₹56100 (लेवल-10 अधिकारी ग्रेड)  ₹127908 ₹214863

नोट: यह केवल बेसिक सैलरी का अनुमान है। अंतिम सैलरी में महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य अलाउंस अलग से जोड़े जाएंगे।

पहले कैसे तय होती थी सैलरी?

शुरुआती पांच वेतन आयोगों (1st से 5th पे कमीशन) में आज के आधुनिक 'फिटमेंट फैक्टर' का कॉन्सेप्ट नहीं था। उस समय वेतन संशोधन के लिए व्यापक पुनर्गठन के तरीके अपनाए जाते थे और पूरे सिस्टम के लिए कोई एक समान मल्टीप्लायर नहीं होता था। हालांकि, मूल उद्देश्य हमेशा एक ही रहा, आर्थिक स्थितियों और महंगाई के हिसाब से सरकारी वेतन को संतुलित करना।

8वां वेतन आयोग क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

देश में अब तक 7 वेतन आयोग आ चुके हैं। पहले वेतन आयोग का गठन जनवरी 1946 में हुआ था और तब से हर 10 साल में नया वेतन आयोग बनाने की परंपरा रही है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से देश के 1.1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा, जिसमें केंद्र सरकार के मौजूदा कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके परिवार शामिल हैं। चूंकि यह संशोधन दशक में केवल एक बार होता है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर पर हर किसी की नजर बनी हुई है।

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