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8th Pay Commission: ₹18000 से बढ़कर ₹69000 हो जाएगी बेसिक सैलरी! जानिए इस डिमांड के पीछे का पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Minimum Basic Pay: कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि 7वें वेतन आयोग का पुराना फॉर्मूला आज के समय में बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की वास्तविक लागत को नहीं दर्शाता है। इसलिए, उन्होंने 'नीड-बेस्ड लिविंग वेज' की गणना के लिए परिवार के आकार, खान-पान, मकान और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़े खर्चों के मानकों में बड़े बदलाव किए हैं

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 05, 2026 पर 8:31 AM
8th Pay Commission: ₹18000 से बढ़कर ₹69000 हो जाएगी बेसिक सैलरी! जानिए इस डिमांड के पीछे का पूरा कैलकुलेशन
अगर वेतन आयोग इस नए फॉर्मूले को स्वीकार करता है, तो इसका असर केवल शुरुआती सैलरी पर नहीं बल्कि पूरे पे-मैट्रिक्स पर पड़ेगा

8th Pay Commission Minimum Basic Pay: आठवें वेतन आयोग के गठन की सुगबुगाहट के बीच केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर एक बड़ी मांग चर्चा में है। कर्मचारी संगठनों ने सरकारी कर्मचारियों की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी को ₹18,000 से बढ़ाकर सीधे ₹69,000 करने का प्रस्ताव रखा है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर इस तेजी के पीछे सिर्फ 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की चर्चा हो रही है, लेकिन असल में इस ₹69,000 की मांग के पीछे एक बहुत बड़ा इकोनॉमिक कैलकुलेशन है। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने सरकार को सौंपे ज्ञापन में न्यूनतम वेतन तय करने के पूरे फॉर्मूले को ही बदलने का सुझाव दिया है। आइए समझते हैं कि इस ₹69,000 की मांग के पीछे का पूरा गणित क्या है।

क्यों उठी फॉर्मूला बदलने की मांग?

कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) का तर्क है कि 7वें वेतन आयोग का पुराना फॉर्मूला आज के समय में बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की वास्तविक लागत को नहीं दर्शाता है। इसलिए, उन्होंने 'नीड-बेस्ड लिविंग वेज' की गणना के लिए परिवार के आकार, खान-पान, मकान और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़े खर्चों के मानकों में बड़े बदलाव किए हैं।

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