8th Pay Commission Updates: क्या केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की सैलरी 283 फीसदी बढ़ने जा रही है?

कनफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज एंड वर्कर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल में 8वें वेतन आयोग को एक व्यापक मेमोरेंडम सौंपा है। इसमें मिनिमम बेसिक पे 69,000 रुपये करने, 3.83 फिटमेंट फैक्टर, ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से लागू करने और ज्यादा हाउस रेंट अलाउन्स (HRA) की मांग की गई

अपडेटेड Jul 04, 2026 पर 2:01 PM
8वां वेतन आयोग अगले साल के मध्य में अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा।

आठवां वेतन आयोग केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और पेंशनर्स के वेतन वृद्धि के बारे में अपनी सिफारिशें देने के लिए देशभर में अलग-अलग पक्षों के विचार जानने की कोशिश कर रहा है। एंप्लॉयीज यूनियंस 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे है। अगर यह मांग मान ली जाती है तो मिनिमम बेसिक पे 283 फीसदी बढ़ जाएगा। यह 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 68,940 रुपये हो जाएगा। नए पे स्केल का फायदा केंद्र सरकार के करीब 50 लाख एंप्लॉयीज और 70 लाख पेंशनर्स को मिलेगा।

एंप्लॉयीज यूनियंस ने बताई अपनी मांगें

कनफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज एंड वर्कर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल में 8वें वेतन आयोग को एक व्यापक मेमोरेंडम सौंपा है। इसमें मिनिमम बेसिक पे 69,000 रुपये करने, 3.83 फिटमेंट फैक्टर, ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से लागू करने और ज्यादा हाउस रेंट अलाउन्स (HRA) की मांग की गई है।


7वें वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर माना था

फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और पेंशनर्स के पे में संशोधन करने के लिए होता है। रिवाइज्ड बेसिक सैलरी तय करने के लिए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर एंप्लॉयीज के मौजूदा बेसिक पे में बदलाव किया जाता है। एंप्लॉयीज यूनियंस ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह लागू हुआ तो मिनिमम बेसिक पे करीब 69,000 रुपये हो जाएगा। 7वें वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया था।

इस महीने भुवनेश्वर और कोलकाता में बैठक

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यूनियंस के प्रस्ताव मान लिए जाते हैं तो रिवाइज्ड बेसिक सैलरी का कैलकुलेशन मौजूदा बेसिक पे में 3.83 से गुणा कर किया जाएगा। हालांकि, 8वां वेतन आयोग कितना फिटमेंट फैक्टर रखता है, अभी इस बारे में कहना मुश्किल है। आयोग देश के अलग-अलग शहरों में एंप्लॉयीज के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहा है। 22-23 जून को लखनऊ की बैठक के बाद 6-7 जुलाई को भुवनेश्वर और 9-10 जुलाई को कोलकाता में बैठक होने वाली है।

सातवें आयोग ने मिनिमम बेसिक पे 18000 किया था

कुछ एंप्लॉयीज यूनियंस ने मिनिमम बेसिक पे बढ़ाकर 55,000 रुपये करने की मांग की है। उनका कहना है कि बीते कुछ सालों में कॉस्ट ऑफ लिविंग काफी बढ़ी है। खासकर हेल्थकेयर और एजुकेशन पर होने वाला खर्च काफी बढ़ा है। ऐसे में 18000 रुपये का मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे पर्याप्त नहीं रह गया है। इससे पहले के वेतन आयोग ने मिनिमम बेसिक पे करीब ढ़ाई गुना कर दिया था। 7वें वेतन आयोग ने मिनिमम बेसिक पे को 7000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया था। यह 10 साल पहले की बात है।

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अगले साल के मध्य में आयोग सौंप सकता है रिपोर्ट

अनुमान है कि 8वां वेतन आयोग अगले साल के मध्य में अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। इसके बाद केंद्र सरकार इस रिपोर्ट पर व्यापक विचार करेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतिम फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार अपनी वित्तीय स्थिति का भी ध्यान रखेगी। सरकार ने पिछले साल जीएसटी के रेट्स में कमी किए हैं। इस साल अमेरिका-ईरान में लड़ाई की वजह से क्रूड में उछाल आया था। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल काफी बढ़ गया था।

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