Gold Silver Rates Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 19 अगस्त को सोने में तेजी पर ब्रेक लग गया। सोना 800 रुपये गिरकर 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी में भी गिरावट दिखी। इसकी वजह मध्यपूर्व में जारी तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। क्रूड की कीमतें लगातार 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।
चांदी एक दिन में 5700 रुपये फिसली
19 अगस्त को चांदी में भी बड़ी गिरावट आई। इसकी वजह भारी बिकवाली है। इससे चांदी 5,730 रुपये गिरकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। सोने और चांदी की कीमतें ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के डेटा पर आधारित हैं। 18 अगस्त को सोने और चांदी में तेजी दिखी थी।
मध्यपूर्व में अनिश्चितता का असर बुलियन पर
एलकेपी सिक्योरिटीज में रिसर्च एनालिस्ट और वीपी जतिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिका और ईरान में युद्धविराम की अवधि खत्म हो जाने के बाद मध्यपूर्व की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका सीधा असर बुलियन खासकर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। इससे निवेशक भी सावधानी बरत रहे हैं।
ब्रेंट क्रूड लगातार 90 डॉलर के ऊपर चल रहा है
बीते कई दिनों से ब्रेंट क्रूड का भाव 90 डॉलर से ऊपर बना हुआ है। अगर कीमतें जल्द नीचे नहीं आती हैं तो दुनियाभर में महंगाई बढ़ सकती हैं। इसका असर इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी पड़ेगा। महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर गोल्ड की चमक घट जाती है।
फेड की मीटिंग के मिनट्स पर इनवेस्टर्स की नजरें
लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि इनवेस्टर्स फेडरल रिजर्व की मीटिंग के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। इससे भविष्य में इंटरेस्ट रेट की दिशा के बारे में संकेत मिलेगा। इसका दबाव बुलियन की कीमतों पर भी दिख रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में घरेलू बाजार से अलग का ट्रेंड दिखा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी दिखी। सोना 3.22 फीसदी चढ़कर 4,473 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कई सत्रों के बाद सोना 4400 के पार गया है। चांदी में भी जोरदार तेजी दिखी। इसका भाव 3.26 फीसदी के उछाल के साथ 65.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बुलियन की कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।