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मेरे पिता ने प्रॉपर्टी मुझे गिफ्ट में दी थी, क्या बहनें इसमें हिस्सा मांग सकती हैं?

विरासत में मिली प्रॉपर्टीज अगर किसी व्यक्ति को उसके पिता की तरफ से गिफ्ट में दी जाती है तो उस पर सिर्फ उस व्यक्ति का हक होता है अगर वह प्रॉपर्टी गिफ्ट में 17 जून, 1956 के बाद दी गई है। अगर प्रॉपर्टी गिफ्ट में इस तारीख के पहले गिफ्ट में दी गई है तो उस पर अलग नियम लागू होंगे

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Aug 19, 2026 पर 7:33 PM
मेरे पिता ने प्रॉपर्टी मुझे गिफ्ट में दी थी, क्या बहनें इसमें हिस्सा मांग सकती हैं?
हिंदू सक्सेशन एक्ट में संसोधन के बाद बेटियां भी एचयूएफ के कोपार्सनर (coparceners) बन गई हैं।

प्रॉपर्टी के ओनरशिप के मामले काफी जटिल होते हैं। अगर प्रॉपर्टी विरासत में मिली है तो मामला और पेचीदा हो जाता है। एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल से पिता से गिफ्ट में मिली प्रॉपर्टी पर बहनों के मालिकाना हक से जुड़ा एक सवाल पूछा है। गाजियाबाद के रहने वाले मुकेश साहनी ने बताया है कि 2024 में निधन से पहले उनके पिता ने अपनी कुछ पुश्तैनी प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड के जरिए उन्हें उपहार में दे दी थी। उनका सवाल है कि क्या उनकी बहनें इस प्रॉपर्टी में हिस्सा मांग सकती हैं?

हिंदू सक्सेशन एक्ट, 1956 के प्रावधान

मनीकंट्रोल ने इस सवाल का जवाब मशहूर टैक्स एक्सपर्ट और सीए बलवंत जैन से पूछा। उन्होंने कहा कि हिंदू सक्सेशन एक्ट, 1956 के प्रावधानों के तहत अगर 17 जून, 1956 के बाद किसी हिंदू व्यक्ति को प्रॉपर्टी विरासत में मिली है तो वह सिर्फ उस व्यक्ति की प्रॉपर्टी होगी। हिंदू सक्सेशन एक्ट, 1956 17 जून, 1956 को लागू हुआ था।

प्रॉपर्टी मिलने की तारीख से पड़ता है फर्क

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