8th Pay Commission: आठवां वेतन आयोग देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर कर्मचारियों और एसोसिएशन से सीधे बातचीत कर रहा है। अब इस कड़ी में तेलंगाना, श्रीनगर और लद्दाख का दौरा करेगा। ये दौरा मई और जून 2026 के बीच किया जाएगा। यहां आयोग सरकारी विभागों, कर्मचारी संगठनों और अन्य पक्षों के साथ बैठकें करेगा। कर्मचारियों की सैलरी, अलाउंस, प्रमोशन, सैलरी हाइक, फिटमेंट फैक्टर जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगा। आयोग के साथ होने वाली बैठक का मकसद सभी फीडबैक और सलाह लेना है। ताकि, सही पे-स्केल पर पहुंचा जा सके। अभी तक ज्यादातर कर्मचारी एसोसिएशन 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।
एसोसिएशन को मेमोरेंडम वेबसाइट पर डालने के लिए कहा
8वें वेतन आयोग की बैठकों का मकसद कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं को समझना है, ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय देशभर से मिले सुझावों को शामिल किया जा सके। आयोग ने संगठनों से कहा है कि वे पहले अपनी मांगों से जुड़े मेमोरेंडम आधिकारिक वेबसाइट पर जमा करें, उसके बाद ही बैठक के लिए समय मांगा जाए। ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी गई है।
मेमोरेंडम में शामिल होनी चाहिए ये मांगें
मेमोरेंडम में आमतौर पर वेतन, भत्ते, पेंशन और काम करने के हालात से जुड़ी मांगें शामिल होती हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
फिटमेंट फैक्टर की मांग पर सबसे ज्यादा चर्चा
इस बीच नेशनल काउंसिल ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के कर्मचारी पक्ष ने आयोग को अपनी अंतिम सिफारिशें भी सौंप दी हैं। इसमें कई बड़े बदलावों की मांग की गई है।
न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की वापसी।
न्यूनतम HRA को 30% करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा मौजूदा 18 पे-लेवल को घटाकर 7 करने की मांग कर्मचारी रख रहे हैं। साथ ही 30 साल की नौकरी में कम से कम 5 प्रमोशन देने और हर 5 साल में पेंशन रिवीजन का सिस्टम लागू करने का सुझाव भी दिया गया है। अब कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर आयोग की अगली बैठकों और भविष्य की सिफारिशों पर टिकी है, क्योंकि इन्हीं फैसलों से आने वाले सालों में लाखों लोगों की सैलरी और पेंशन तय होगी।