8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से जुड़े हर अपडेट पर लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच एक ऐसा प्रस्ताव सामने आया है, जो बुजुर्ग पेंशनर्स की आय में बड़ा बदलाव ला सकता है। कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने आयोग से मांग की है कि उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में भी चरणबद्ध बढ़ोतरी की जाए। प्रस्ताव के मुताबिक 65 साल की उम्र के बाद पेंशन में एक्स्ट्रा लाभ मिलना शुरू हो सकता है, जबकि 90 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स को अंतिम वेतन के बराबर पेंशन देने की मांग की गई है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बड़ी मजबूती मिल सकती
क्या है उम्र के आधार पर पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव?
8वें वेतन आयोग के सामने रखे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि पेंशनर्स की उम्र बढ़ने के साथ उनकी आर्थिक जरूरतें भी बढ़ती हैं। इसलिए उम्र के अलग-अलग चरणों पर पेंशन में एक्स्ट्रा बढ़ोतरी दी जानी चाहिए। प्रस्ताव के मुताबिक 65 साल की उम्र पर पेंशन अंतिम वेतन (Last Pay Drawn) का 70% हो सकती है। 70 साल पर यह 75%, 75 साल पर 80%, 80 साल पर 85%, 85 साल पर 90% और 90 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स को अंतिम वेतन का 100% तक पेंशन देने की मांग की गई है।
पेंशनर्स की और क्या हैं मांगें?
पेंशन से जुड़े संगठनों ने आयोग के सामने कई अन्य मांगें भी रखी हैं। इनमें न्यूनतम पेंशन को अंतिम वेतन का 67% करने, पेंशन की गणना में इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर की समीक्षा करने और महंगाई राहत (DR) को पेंशन से बेहतर तरीके से जोड़ने की मांग शामिल है। इसके अलावा फैमिली पेंशन के दायरे को बढ़ाने और पेंशन पेमेंट सिस्टम में सुधार की भी मांग की गई है।
कर्मचारी संगठनों ने क्या सुझाव दिए हैं?
राष्ट्रीय परिषद-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) समेत कई संगठनों ने आयोग को अपने सुझाव सौंपे हैं। इन संगठनों ने नई वेतन स्ट्रक्चर के अनुरूप पेंशन में बदलाव, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार और पेंशनर्स के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा की मांग की है।
कब तक आ सकती हैं 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?
आयोग ने हितधारकों से सुझाव और ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 तय की है। इसके बाद आयोग विभिन्न संगठनों और कर्मचारियों से मिले सुझावों का अध्ययन करेगा।
मौजूदा योजना के अनुसार 8वां वेतन आयोग 2027 के मध्य तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है। हालांकि पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए इन सिफारिशों को लागू होने में 2 से 3 साल का समय लग सकता है। इसका मतलब है कि यदि 2027 में कोई बड़ा फैसला होता है, तो उसका पूरा लाभ कर्मचारियों और पेंशनर्स को 2029 या 2030 तक मिल सकता है। यह आयोग करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से ज्यादा पेंशनर्स के भविष्य को प्रभावित करेगा, इसलिए इसकी हर बैठक और प्रस्ताव पर देशभर की नजर बनी हुई है।