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नौकरी करने वाले 23% लोग फाइनेंशियल इमर्जेंसी के लिए तैयार नहीं, सर्वे के नतीजे

सर्वे में शामिल 48 फीसदी लोगों का मानना था कि फाइनेंशियल गोल के लिए प्लानिंग करना उनके लिए सबसे बड़ा चैलेंज है। 42 फीसदी लोगों ने कहा कि नौकरी खत्म होने पर वे अपने खर्च पूरे नहीं कर पाएंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड May 17, 2023 पर 6:16 PM
नौकरी करने वाले 23% लोग फाइनेंशियल इमर्जेंसी के लिए तैयार नहीं, सर्वे के नतीजे
इनवेस्टर्स सबसे ज्यादा फाइनेंशियल प्लानिंग, म्यूचुअल फंड्स और टैक्स के नियमों के बारे में जानना चाहते थे। ज्यादातर लोगों ने सेविंग्स को बड़ा चैलेंज बताया।

इंडिया में आज भी नौकरी करने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा चैलेंज फाइनेंशियल प्लानिंग है। एक सर्वे से यह जानकारी मिली है। फाइनेंशियल एजुकेशन कंपनी Finsafe India ने यह सर्वे किया है। इस सर्वे में नौकरी करने वाले 1,364 लोगों ने हिस्सा लिया। इस सर्वे से फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। इससे पता चला कि नौकरी करने वाले लोग सिर्फ एंप्लॉयर बेनेफिट पर निर्भर हैं। उन्हें इस बात को लेकर भरोसा नहीं होता कि ऑब्जेक्टिव को हासिल करने के लिहाज से उनकी फाइनेंशियल प्लानिंग सही है या नहीं।

सर्वे में शामिल 48 फीसदी लोगों का मानना था कि फाइनेंशियल गोल के लिए प्लानिंग करना उनके लिए सबसे बड़ा चैलेंज है। 42 फीसदी लोगों ने कहा कि नौकरी खत्म होने पर वे अपने खर्च पूरे नहीं कर पाएंगे।

नौकरी करने वाले लोगों के लिए लोन खासकर क्रेडिट कार्ड लोन चुकाने के मुकाबले बुजुर्ग मातापिता के इलाज का खर्च उठाना चिंता की बड़ी बात है। सर्वे में शामिल 48 फीसदी लोगों ने कहा कि उनके पास सिर्फ एंप्लॉयर की तरफ से दिया गया मेडिकल कवर है। वे यह नहीं जानते कि यह पर्याप्त है या नहीं। 23 फीसदी लोग तो मेडिकल इमर्जेंसी के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। 

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