15 मार्च 2024 से पहले एडवांस टैक्स भरना न भूलें नहीं तो चुकानी पड़ेगी पेनाल्टी
एडवान्स टैक्स चुकाने की आखिरी तारीख बहुत नजदीक आ गई है। अगर कोई व्यक्ति 15 मार्च तक एडवान्स टैक्स का पेमेंट नहीं करता है तो उसे टैक्स अमाउंट पर इंटरेस्ट देना होगा। ऐसा टैक्सपेयर जिसकी टैक्स लायबिलिटी टीडीएस और टीसीएस घटाने के बाद 10,000 रुपये या इससे ज्यादा है, उसके लिए एडवान्स टैक्स चुकाना जरूरी है
सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से अधिक उम्र वाले) को एडवांस टैक्स भरने से छूट हासिल है।
हम फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के अंत में हैं, जो 31 मार्च 2024 को समाप्त हो रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के एडवांस टैक्स के इंस्टॉलमेंट का समय पर भुगतान करना जरूरी है। सभी टैक्सपेयर्स को ‘पेय एस यू अर्न' के सिद्धांत के अंतर्गत अपना आयकर (इनकम टैक्स) जमा करना होता है। जब किसी टैक्सपेयर् की नेट टैक्स लियेबिलिटी टीडीएस और टीसीएस घटाने के बाद 10,000 रुपये या उससे अधिक होती है तो उसके लिए एडवांस टैक्स चुकाना अनिवार्य है।
एडवांसटैक्सभरनाकबआवश्यकहै?
ऐसे सभी टैक्सपेयर्स को एडवांस टैक्स जमा करने की आवश्यकता होती है, जिनकी आयकर (इनकम टैक्स) टीडीएस/टीसीएस को एडजस्ट करने के बाद 10,000 रुपये या उससे अधिक होती है। सीनियर सिटीजन (60 वर्ष से अधिक उम्र वाले) को एडवांस टैक्स भरने से छूट हासिल है। शर्त यह है कि उनकी किसी भी तरह के व्यापार (बिज़नेस या प्रोफेशन) से कोई आय नहीं होनी चाहिए।
एडवांसटैक्सजिम्मेदारीकाहिसाबऔरभुगतनकैसेकरें?
स्टेप 1: सही टैक्स रिजीम चुनें
इंडिविजुअल और एचयूएफ टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है कि वह नए या पुराने टैक्स रिजीम का चयन करके अपना आयकर (इनकम टैक्स) कैलकुलेट करें। यदि आपको यह नहीं पता है कि कौन सा टैक्स रिजीम आपके लिए बेहतर है तो आप दोनों टैक्स रिजीम के हिसाब से अपनी अनुमानित इनकम पर आयकर (इनकम टैक्स) कैलकुलेट करें और देखें कि आपका आयकर (इनकम टैक्स) कितना कम आता है। टैक्स रिजीम आपके आयकर (इनकम टैक्स) रिटर्न फाइल करने के समय पर वही बने रहना चाहिए। हालांकि, यदि आप अपनी आयकर (इनकम टैक्स) रिटर्न जमा करने के समय अलग टैक्स रिजीम का चयन करते हैं और आपका आयकर बढ़ता है तो आपको एडवांस टैक्स कम जमा करने पर ब्याज देना होगा।
स्टेप 2: आपके पास उपलब्ध टीडीएस और टीसीएस का टैक्स क्रेडिट एडजस्ट करें
एडवांस टैक्स का कैलकुलेशन फाइनेंशियल ईयर की इनकम के अनुमान और आयकर (इनकम टैक्स) रेट्स के हिसाब से किया जाता है। कुल कर राशि से टीडीएस/टीसीएस क्रेडिट को एडजस्ट किया जाता है। अब आप अपने ‘Form 26AS’ में दिसंबर 2023 तक टीडीएस और टीसीएस क्रेडिट को देख सकते हैं। 1 जनवरी, 2024 से लेकर 31 मार्च, 2024 तक के पीरियड के टीडीएस और टीसीएस अमाउंट जानने के लिए, आपको अपने टीडीएस डिडक्टर और टीसीएस कलेक्टर से संपर्क करना होगा।
एडवांस टैक्स किसे चुकाना जरूरी है, इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए किसी वित्त वर्ष के दौरान किसी व्यक्ति का टैक्स 15,000 रुपये बनता है और यदि उसकी टीडीएस/टीसीएस राशि 5100 रुपये है तो उसका बाकि टैक्स 9900 रुपये होगा और उसे एडवांस टैक्स भरना अनिवार्य नहीं है। दूसरी तरफ, यदि टीडीएस 4900 रुपये है तो बाकि टैक्स राशि 10,100 आती है। इस स्थिति में, व्यक्ति के लिए एडवांस टैक्स भरना जरूरी है।
स्टेप 3: एडवांस टैक्स किश्त का कैलकुलेशन करें
एडवांस टैक्स को फाइनेंशियल ईयर के नियत तारीख (due dates) और विस्तृत रेट्स के हिसाब से चार किश्तों में भुगतन करना होता है।
Due Date
Complete % of Advance Tax Payable
If your Net Tax Liability after adjusting TDS/TCS and MAT comes to Rs. 1 Lakh
15th June
15%
Pay Rs. 15000
15th September
45%
Pay Rs. 30000 (Total tax paid 45000)
15th December
75%
Pay Rs. 30000 (Total tax paid 75000)
15th March
100%
Pay Rs. 25000 (Total tax paid 100000)
अगर आप किसी बिज़नेस या प्रोफेशन में हैं और आपने आयकर (इनकम टैक्स) एक्ट के सेक्शन 44AD या 44ADA के अंतर्गत प्रिज्मप्शन आयकर (इनकम टैक्स) स्कीम का चयन किया है तो आपको केवल एक किश्त (15 मार्च) में एडवांस टैक्स का भुगतान करना होता है।
स्टेप 4: एडवांस आयकर (इनकम टैक्स) की पेमेंट कैसे करें
एडवांस टैक्स पेमेंट के लिए आयकर (इनकम टैक्स) पोर्टल(https://www.income.gov.in/iec/foportal/) के होम पेज पर 'Quick links' सेक्शन में 'e-pay Tac सेवा का उपयोग करके किया जा सकता है। अगर आपका पैन आयकर (इनकम टैक्स) पोर्टलपर registered है तो आप आयकर (इनकम टैक्स) पोर्टल में लॉगिन करके 'e-file' सेक्शन के अंदर 'e-pay Tax’ की सुविधा का उपयोग भी कर सकते हैं। एडवांस टैक्स भरते समय फाइनेंसियल ईयर 2023-24 के लिए ‘Assessment Year 2024-25’ का चयन करें और ‘Type of payment (Minor Head)’ के अंतर्गत ‘Advance Tax(100)’ को चुनें।
अगरआपएडवांसटैक्सनहींभुगततेहैंतोक्याहोताहै?
आयकर विभाग एडवांस टैक्स की कमी पर ब्याज लगाता है। आयकर (इनकम टैक्स) एक्ट के धारा 234B और धारा 234C के अंतर्गत ब्याज लगाया जाता है। इसलिए, अगर कोई एडवांस टैक्स का भुगतान नहीं करता है या एडवांस टैक्स भुगतन में विलम्ब करता है तो उसे ब्याज के रूप में अधिक टैक्स का भुगतन करना होता है, और इसलिए अपने एडवांस टैक्स को सही से कैलकुलेट करना और समय पर भुगतन करना बहुत महत्वपूर्ण है।
धारा 234B: एडवांस टैक्स की कमी के लिए ब्याज देना होता है यदि व्यक्ति वित्तीय वर्ष के अंत से पहले 31 मार्च तक इंकम टैक्स लियेबिलिटी का 90% से कम भुगतान करता है। इसमें ब्याज दर 1% प्रति माह के हिसाब से लगाई जाती है।
धारा 234C: इस अधिनियम के अंतर्गत ब्याज चार किश्तों पर आधारित होता है, यानी कि 15 जून, 15 सितम्बर, 15 दिसंबर और 15 मार्च। आयकर विभाग द्वारा लगाया गया ब्याज दर 1% प्रति माह के हिसाब से होती है।
एडवांसटैक्सकेब्याजसेराहत
क्योंकि कुछ आय जैसे कि कैपिटल गेन, डिविडेंड, लाटरी से जीत, आदि का अनुमान लगाना मुश्किल होता है, इसलिए जब भी आपको इस तरह की कोई इनकम मिलती है तो आप ऐसी इनकम पर पूरा आयकर (इनकम टैक्स) अपनी आने वाली एडवांस टैक्स की किस्त के साथ चुका सकते हैं।
15 मार्च 2024 से पहले एडवांस टैक्स भुगतन करना जरूरी होता है लेकिन अगर आप इस तिथि को भूल जाते हैं तो कम से कम 31 मार्च 2024 से पहले अपनी आयकर जिम्मेदारी का कम से कम 90% भुगतन कर दें ऐसे में आप कम से कम धारा 234B के अंतर्गत ब्याज भरने से बच जाएंगे।
(लेखक सीए हैं। वह पर्सनल फाइनेंस और इनकम टैक्स मामलों के एक्सपर्ट हैं)
यह भी पढ़े: Income Tax के कंप्लायंस पोर्टल पर बेहिसाब इनकम डिटेल देखकर क्या आपको भी आया सदमा, क्या ये आपकी गलती की वजह से हुआ!