Akshaya Tritiya Gold Rate: अक्षय तृतीया पर इस बार सोने के दाम तो आसमान छू रहे हैं, लेकिन सिर्फ सोने पर ही फोकस करना सही नहीं होगा। चांदी की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। टाटा म्यूचुअल फंड की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सोने और चांदी के दामों के बीच जो फर्क होता है, यानी गोल्ड-सिल्वर रेशो, वो अब 100 के करीब पहुंच गया है। ये पिछले कुछ सालों में सबसे ज्यादा है। मतलब साफ है कि चांदी अभी सस्ती चल रही है। इस बार सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी भी आपके लिए फायदे का सौदा बन सकती है। बस सही बैलेंस बनाकर निवेश करने की जरूरत है।
गोल्ड-सिल्वर रेशो क्या होता है?
इस रेशो का मतलब होता है कि एक ग्राम या औंस सोना खरीदने के लिए आपको कितनी चांदी खरीदनी पड़ेगी। पहले ये रेशियो 60 से 70 के बीच रहता था, लेकिन अब 100 के आसपास पहुंच चुका है। इसका मतलब ये है कि सोना बहुत महंगा हो गया है और चांदी उसके मुकाबले में किफायती है।
सोने की बढ़ती कीमतों की वजह
रिपोर्ट में बताया गया है कि महंगाई का डर, विदेशी तनाव, कमजोर डॉलर और दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों की सोने की खरीदारी की वजह से सोने की डिमांड लगातार बढ़ रही है। लोग गोल्ड ETF में भी जमकर निवेश कर रहे हैं।
चांदी का इस्तेमाल इंडस्ट्री में ज्यादा होता है, जैसे मोबाइल, कंप्यूटर और सोलर पैनल जैसी चीजों में चांदी का इस्तेमाल होता है। दुनिया की अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से चांदी की डिमांड उतनी नहीं बढ़ पाई, जितनी सोने की।
अगर आप अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये समझदारी होगी कि चांदी को भी ज़रूर ध्यान में रखें। टाटा म्यूचुअल फंड की मानें तो लॉन्ग टर्म यानी लंबे समय के लिए चांदी में अभी अच्छा मुनाफा मिल सकता है।