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Anil Goel की तरह आप शेयरों से करोड़ों कमा सकते हैं, जानिए उनका निवेश मंत्र

गोयल के शेयरों में निवेश की शुरुआत तब हुई जब वह एक दिन अपने बैंक के मैनेजर से बात कर रहे थे। यह बात जनवरी 1992 की है। अगले तीन दशकों के दौरान उन्होंने ऐसा पोर्टफोलियो बनाया जिसमें करीब 80 स्टॉक्स शामिल हैं। इनमें ज्यादातर कमोडिटी से जुड़ी कंपनियां हैं। इसकी वजह यह है कि गोयल आज भी कमोडिटी को सबसे ज्यादा समझते हैं। 30 सितंबर को गोयल के पोर्टफोलियो में ऐसे स्टॉक्स की संख्या 35 से ज्यादा थी, जिनमें उनकी हिस्सेदारी 1 फीसदी से ज्यादा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 20, 2023 पर 4:29 PM
Anil Goel की तरह आप शेयरों से करोड़ों कमा सकते हैं, जानिए उनका निवेश मंत्र
बतौर निवेशक तीन दशकों का गोयल का सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 1997-98 में एक समय उनके तब मार्केट से बाहर होने की नौबत आ गई थी, जब ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट (GDR) पर लगाया गया उनका दांव उल्टा पड़ गया था। फिर, 1999-2000 में आईटी शेयरों में आए उछाल का फायदा उठाने से वह चूक गए गए थे, क्योंकि उन्हें तब आईटी स्टॉक्स में वैल्यू नजर नहीं आती थी।

अनिल कुमार गोयल (Anil Kumar Goel) ने 41 की उम्र में स्टॉक मार्केट्स में कदम रखा था। आज उनकी गिनती एक सुपर इनवेस्टर के रूप में होती है। थोड़ी पूंजी से शुरुआत करने वाले गोयल के पास आज इतना पैसा है, जिसका सपना हर आदमी देखता है। लेकिन, उनके नेटवर्थ से ज्यादा अहम है इस नेटवर्थ तक का उनका सफर। शुगर और स्टील कंपनियों के शेयरों में निवेश से अमीर बनने के उदाहरण कम दिखते हैं। इसकी वजह यह है कि कमोडिटी की कीमतें एक साइकिल में चलती हैं। इस वजह से कई बार शुगर और स्टील कंपनियों के बिजनेस के विस्तार के लिए निवेश का प्लान गलत साबित हो जाता है और उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन, गोयल ने कमोडिटी कंपनियों के स्टॉक्स में निवेश से बड़ी कमाई की। इससे उनका नाम चेन्नई के इनवेस्टमेंट क्लब का हिस्सा बन गया। इस क्लब में कई बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। इनमें गोविंद पारिख और डॉली खन्ना शामिल हैं। डॉली खन्ना के पोर्टफोलियो का प्रबंधन उनके पति राजीव खन्ना करते हैं।

परिवार के बिजनेस से सीखा था खरीदने और बेचने का ट्रिक

गोयल के परिवार का संबंध स्टील के बिजनेस से रहा है। गोयल जब 16 साल के थे, तब उनके दादा ने उन्हें इस दुनिया से परिचित कराया था। 1968 में तब वह गर्मियों की छुट्टी में चेन्नई आए थे। लेकिन, गोयल ने पहला निवेश 24 साल बाद किया। लेकिन, स्टील बिजनेस में उन्हें खरीदने और बेचने के गुर सीखने का मौका मिल गया। 71 साल के गोयल ने मनीकंट्रोल को बताया कि 70 के दशक के मध्य में स्टील की कीमतें क्रैश कर गईं। SAIL और TISCO अपने माल नहीं बेच पा रही थीं। उनके गोदाम स्टील प्रोडक्ट्स से भर गए थे। वे भारी डिस्काउंट पर अपने माल बेचने को तैयार थे। गोयल ने कहा कि सेल के चेन्नई प्लांट के मैनेजर ने उन्हें एक दिन बुलाया और कहा, "हमारे पास इतना ज्यादा माल है, क्या इसे आप उठा सकते हैं?" गोयल ने इसके जवाब में हां कहा। गोयल ने कहा, "अगर आप इसे मेरी कीमत पर देंगे तो मैं इसे उठा लूंगा।"

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