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Education Planning: बच्चों की पढ़ाई का बढ़ रहा है खर्च? जानिए महंगाई में कैसे करें सही प्लानिंग

Education Planning: बच्चों की ऊंची पढ़ाई का खर्च महंगाई के कारण तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए समय रहते सही वित्तीय योजना बनाना जरूरी है। जल्दी निवेश, SIP और गोल-ओरिएंटेड बचत से भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 4:37 PM
Education Planning: बच्चों की पढ़ाई का बढ़ रहा है खर्च? जानिए महंगाई में कैसे करें सही प्लानिंग

बच्चों की उच्च शिक्षा का सपना हर माता-पिता देखते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई और कॉलेजों की आसमान छूती फीस इस सपने को पूरा करना मुश्किल बना रही है। इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल या विदेश में पढ़ाई जैसे विकल्पों की लागत अब लाखों से करोड़ों रुपये तक पहुँच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा खर्च हर साल औसतन 8-10% तक बढ़ रहा है। ऐसे में अगर माता-पिता समय रहते वित्तीय योजना नहीं बनाते तो बच्चों की पढ़ाई का बोझ परिवार की बचत और भविष्य दोनों पर भारी पड़ सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों की पढ़ाई के लिए जल्दी निवेश शुरू करना सबसे अहम कदम है। अगर माता-पिता बच्चे के जन्म से ही छोटी-छोटी बचत को सही जगह निवेश करें तो 15-20 साल बाद एक बड़ा फंड तैयार हो सकता है। इसके लिए म्यूचुअल फंड में SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि यह महंगाई को मात देने वाला रिटर्न देता है। इसके अलावा, चाइल्ड एजुकेशन प्लान और इंश्योरेंस पॉलिसी भी सुरक्षा कवच का काम करती हैं।

एक और महत्वपूर्ण पहलू है गोल-ओरिएंटेड निवेश। बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग फंड बनाना चाहिए जिसे अन्य खर्चों में इस्तेमाल न किया जाए। साथ ही, माता-पिता को भविष्य की फीस और महंगाई का अनुमान लगाकर आज ही कैलकुलेशन करना चाहिए कि कितनी रकम की जरूरत होगी। उदाहरण के लिए, अगर आज किसी कोर्स की फीस 10 लाख रुपये है तो 10 साल बाद यह महंगाई के कारण 20 लाख रुपये तक हो सकती है।

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि बच्चों की पढ़ाई को लेकर भावनात्मक होना स्वाभाविक है, लेकिन वित्तीय अनुशासन उतना ही जरूरी है। अगर हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत की जाए और उसे सही जगह निवेश किया जाए तो भविष्य में लाखों रुपये का फंड तैयार हो सकता है।

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