बच्चों की उच्च शिक्षा का सपना हर माता-पिता देखते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई और कॉलेजों की आसमान छूती फीस इस सपने को पूरा करना मुश्किल बना रही है। इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल या विदेश में पढ़ाई जैसे विकल्पों की लागत अब लाखों से करोड़ों रुपये तक पहुँच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा खर्च हर साल औसतन 8-10% तक बढ़ रहा है। ऐसे में अगर माता-पिता समय रहते वित्तीय योजना नहीं बनाते तो बच्चों की पढ़ाई का बोझ परिवार की बचत और भविष्य दोनों पर भारी पड़ सकता है।
