Bank ATM New Rules: एचडीएफसी बैंक, पीएनबी और बंधन बैंक के ग्राहकों के लिए बदल गए एटीएम इस्तेमाल के नियम

HDFC Bank एटीएम के जरिए यूपीआई-बेस्ड कैश विड्रॉल को मंथली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में शामिल करेगा। इसका मतलब यह है कि यूपीआई विड्रॉल को रेगुलर एटीएम विड्रॉल की तरह माना जाएगा। ग्राहक के मंथली फ्री लिमिट पार करते ही ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगेगा

अपडेटेड Apr 01, 2026 पर 1:38 PM
नए नियमों का असर ग्राहकों की विड्रॉल लिमिट, फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट और चार्जेज पर पड़ेगा।

कई बैंकों के एटीएम से जुड़े नए नियम आज यानी 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं। इनमें एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बंधन बैंक शामिल हैं। नए नियमों का असर ग्राहकों की विड्रॉल लिमिट, फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट और चार्जेज पर पड़ेगा। आइए इस बदलाव के बारे में विस्तार से जानते हैं।

एचडीएफसी बैंक में कैश विड्रॉल के नए नियम

HDFC Bank एटीएम के जरिए यूपीआई-बेस्ड कैश विड्रॉल को मंथली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में शामिल करेगा। इसका मतलब यह है कि यूपीआई विड्रॉल को रेगुलर एटीएम विड्रॉल की तरह माना जाएगा। ग्राहक के मंथली फ्री लिमिट पार करते ही ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगेगा। पांच ट्रांजैक्शन तक फ्री होता है। यह नियम 1 अप्रैल से लागू हो गया है। फ्री लिमिट के बाद प्रति ट्रांजेक्शन कस्टमर्स को 23 रुपये (प्लस टैक्सेज) देने होंगे।

पीएनबी ने एटीएम कार्ड की विड्रॉल लिमिट घटाई

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने कई डेबिट कार्ड वेरिएंट्स के लिए डेली कैश विड्रॉल लिमिट घटा दी है। पहले जिन कार्ड्स पर रोजाना की विड्रॉल लिमिट 1,00,000 रुपये तक थी, उसे घटाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। प्रीमियम कार्ड्स जिनकी रोजाना की विड्रॉल लिमिट 1,50,000 रुपये थी, उसे घटाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव रूपे, वीजा और मास्टरकार्ड डेबिट कार्ड वेरिएंट्स पर लागू होगा।


बंधन बैंक की एटीएम यूजेज पॉलिसी बदली

बंधन बैंक ने अपनी एटीएम यूजेज पॉलिसी में बदलाव किया है। ये बदलाव खासकर दूसरे बैंक एटीएम से ट्रांजेक्शंस के मामले में किए गए हैं। बंधन बैंक के एटीएम में प्रति माह पांच फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस फ्री होंगे। नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस के लिए कोई लिमिट नहीं है। दूसरे बैंक के एटीएम के जरिए ग्राहक मेट्रो शहरों में हर महीने 3 फ्री ट्रांजेक्शंस कर सकेंगे।

नॉन-मेट्रो शहरों में 5 फ्री-ट्रांजेक्शंस की इजाजत होगी। फ्री लिमिट के बाद फाइनेंशियल ट्राजेक्शंस के लिए प्रति ट्रांजेक्शन 23 रुपये चुकाने होंगे। नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस के लिए प्रति 10 ट्रांजेक्शन 10 रुपये लगेंगे। अगर बैलेंस नहीं होने से ट्रांजेक्शन फेल करता है तो प्रति ट्रांजेक्शन 25 रुपये की पेनाल्टी लगेगी।

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1 अप्रैल से इनकम टैक्स के नए नियम भी लागू

बैंकों ने ये सभी बदलाव नए वित्त वर्ष से किए हैं। नया वित्त वर्ष यानी 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से हो गई है। 1 अप्रैल से ही इनकम टैक्स का नया एक्ट और नए नियम लागू हो गए हैं। इसके अलावा पैन के इस्तेमाल के नियमों में भी बदलाव हुआ है। भारत में वित्त वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है। वित्त वर्ष का समापन 31 मार्च को होता है।

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