Minimum Balance Charges: बैंक ने मिनिमम बैलेंस के नाम पर पैसा काट लिया? जानिए क्या हैं आपके अधिकार

Minimum Balance Charges: बैंक अकाउंट से मिनिमम बैलेंस के नाम पर पैसे कट गए हैं तो हर बार चुपचाप रकम जमा करना जरूरी नहीं। कुछ मामलों में बैंक की कार्रवाई पर सवाल उठाया जा सकता है। जानिए कब चार्ज गलत हो सकता है और पैसा वापस लेने का क्या है तरीका।

अपडेटेड Sep 23, 2026 पर 6:54 AM
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अगर आपका अकाउंट Basic Savings Bank Deposit Account यानी BSBDA है तो इसमें मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त नहीं होती।

Minimum Balance Charges: कई लोगों के बैंक अकाउंट से अचानक पैसे कट जाते हैं। स्टेटमेंट देखने पर पता चलता है कि रकम ‘मिनिमम बैलेंस चार्जेज’ के नाम पर काटी गई है। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो पहले यह समझिए कि बैंक ने पैसा किस नियम के तहत काटा है।

मिनिमम बैलेंस का नियम हर अकाउंट में अलग हो सकता है। इसलिए सबसे पहले अपने अकाउंट की शर्तें और बैंक का लागू चार्ज स्ट्रक्चर चेक करें।

कितना पैसा कट सकता है, ऐसे समझें


मान लीजिए आपके अकाउंट में ₹10,000 का मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी है। महीने में आपका औसत बैलेंस ₹7,000 रहा। यानी ₹3,000 की कमी हुई।

अब बैंक के नियम के मुताबिक अगर इस कमी पर ₹150 का चार्ज बनता है तो ₹150 काटा जा सकता है। लेकिन बैंक मनमाने तरीके से कोई भी रकम नहीं काट सकता। RBI के नियमों के मुताबिक मिनिमम बैलेंस का चार्ज कमी के अनुपात में होना चाहिए।

बैंक को पहले सूचना देनी होती है

अगर आपका बैलेंस कम है तो बैंक को आपको इसकी जानकारी देनी चाहिए। यह SMS, ईमेल या दूसरे माध्यम से दी जा सकती है।

RBI के नियमों के मुताबिक ग्राहक को कम से कम एक महीने का समय दिया जाना चाहिए। इस दौरान मिनिमम बैलेंस पूरा नहीं करने पर ही पेनल चार्ज लगाया जा सकता है।

बिना सूचना पैसा काट लिया तो क्या करें?

मान लीजिए आपके अकाउंट में ₹8,000 का मिनिमम बैलेंस जरूरी था और बैंक ने ₹500 काट लिए। लेकिन आपको पहले कोई सूचना नहीं मिली।

ऐसी स्थिति में बैंक से लिखित में पूछें कि पैसा किस नियम के तहत काटा गया। साथ ही यह भी पूछें कि आपको बैलेंस कम होने की सूचना कब दी गई थी। बैंक से Schedule of Charges भी मांगें। इससे पता चलेगा कि आपके अकाउंट पर कितना चार्ज लागू है।

अकाउंट माइनस में चला गया तो?

सिर्फ मिनिमम बैलेंस न रखने के चार्ज की वजह से सेविंग अकाउंट का बैलेंस निगेटिव नहीं होना चाहिए। RBI ने इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

उदाहरण के लिए अकाउंट में ₹100 हैं और बैंक ने मिनिमम बैलेंस के नाम पर ₹300 काटे। सिर्फ इस चार्ज की वजह से अकाउंट को -₹200 नहीं किया जाना चाहिए।

पैसा वापस कैसे मांगें?

अगर आपको लगता है कि बैंक ने गलत या ज्यादा चार्ज काटा है तो पहले बैंक में शिकायत करें। ऐप, वेबसाइट, ईमेल या ब्रांच के जरिए शिकायत की जा सकती है।

शिकायत में तीन चीजें जरूर लिखें। कितनी रकम काटी गई, किस तारीख को काटी गई और किस नाम से चार्ज लगाया गया। बैंक से चार्ज की पूरी गणना और उसका आधार भी मांगें।

मान लीजिए बैंक ने ₹800 काटे, लेकिन उसके नियम के हिसाब से चार्ज ₹200 ही बनता है। ऐसे मामले में आप ₹600 वापस करने की मांग कर सकते हैं।

बैंक समाधान न करे तो RBI में शिकायत

पहले बैंक में शिकायत करना जरूरी है। अगर 30 दिन में समाधान नहीं होता या जवाब से आप संतुष्ट नहीं हैं तो RBI की शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसलिए बैंक की शिकायत संख्या, स्टेटमेंट और बैंक के जवाब को संभालकर रखें। आगे शिकायत करते समय ये दस्तावेज काम आएंगे।

BSBDA अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं

अगर आपका अकाउंट Basic Savings Bank Deposit Account यानी BSBDA है तो इसमें मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त नहीं होती। इसलिए ऐसे अकाउंट से मिनिमम बैलेंस के नाम पर पैसा काटा गया है तो बैंक से इसकी वजह जरूर पूछें।

यानी पैसा कटते ही सिर्फ अकाउंट में रकम डालना ही समाधान नहीं है। पहले देखें कि चार्ज सही है या नहीं। अगर नियमों के मुताबिक चार्ज नहीं लगा है तो बैंक से पैसा वापस मांगने का रास्ता खुला है।

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