Bank Holiday Today: आज यानी गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को देश के एक राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी बैंक बंद हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक हॉलीडे लिस्ट के मुताबिक, मणिपुर राज्य में आज 'पेट्रियट्स डे' (Patriots' Day) के अवसर पर बैंकों में कामकाज नहीं हो रहा है।
हालांकि, देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले हैं और वहां नियमित कामकाज चल रहा है। आइए जानते हैं कि यह छुट्टी क्यों दी जाती है और मणिपुर के इतिहास में 13 अगस्त का दिन इतना खास क्यों है।
मणिपुर के किन शहरों में बंद हैं बैंक?
13 अगस्त को आरबीआई की राज्य-विशिष्ट छुट्टियों की सूची के तहत मणिपुर की राजधानी इम्फाल सहित राज्य के सभी जिलों में बैंक शाखाएं बंद हैं:
प्रभावित बैंक: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंडसइंड बैंक समेत सभी छोटे-बड़े बैंकों की शाखाएं आज मणिपुर में बंद हैं।
डिजिटल सेवाएं जारी: हालांकि, मणिपुर में भी एटीएम, नेट बैंकिंग, यूपीआई और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं।
क्या है पेट्रियट्स डे और क्यों मनाया जाता है?
मणिपुर में हर साल 13 अगस्त का दिन 'पेट्रियट्स डे' यानी 'देशभक्त दिवस' के रूप में मनाया जाता है। यह दिन 1891 के ऐतिहासिक एंग्लो-मणिपुर युद्ध में शहीद हुए बहादुर मणिपुरियों की शहादत और उनके योगदान को याद करने के लिए समर्पित है।
1891 के एंग्लो-मणिपुर युद्ध का इतिहास
मार्च 1891 में मणिपुर के सेनापति (जनरल) टिकेंद्रजीत सिंह के नेतृत्व में एक राजमहल तख्तापलट हुआ, जिसमें तत्कालीन राजा को हटाकर उनके सौतेले भाई को गद्दी पर बिठाया गया। अंग्रेजों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया और सेनापति टिकेंद्रजीत को गिरफ्तार करने की कोशिश की। लेकिन यह कोशिश नाकाम रही और मणिपुरी सेना ने ब्रिटिश रेजीडेंसी पर हमला बोल दिया, जिसमें कई ब्रिटिश अधिकारी मारे गए।
इसके जवाब में ब्रिटिश हुकूमत ने 31 मार्च से 27 अप्रैल 1891 के बीच मणिपुर पर बड़ा सैन्य हमला किया। कठिन संघर्ष के बाद अंग्रेजों ने मणिपुर पर कब्जा कर लिया। 13 अगस्त 1891 को अंग्रेजों ने मणिपुर के राजकुमार टिकेंद्रजीत सिंह और जनरल थांगल सहित कई देशभक्तों को सरेआम फांसी दे दी थी। इन्हीं महान शहीदों की स्मृति में 13 अगस्त को हर साल 'पेट्रियट्स डे' के रूप में मनाया जाता है।