RBI Bank Locker Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने ग्राहकों को सेफ्टी और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैंक लॉकर के नियमों को बदल दिया है। यदि आप जल्द ही बैंक लॉकर खोलने की योजना बना रहे हैं, तो आपको पहले से नियमों के बारे में पता होना चाहिए। आइए जानते हैं बैंक लॉकर से जुड़े नियमों के बारे में..
बैंक ब्रांच में चोरी होने पर क्या होगा?
बैंक लॉकर में से कुछ चोरी होने पर या कोई भी गड़बड़ होने पर बैंक को मुआवजा देना होगा। अब बैंक यह नहीं कह सकते कि लॉकर से चोरी होने में उनकी जिम्मेदारी नहीं है। अगर बैंक के कर्मचारियों के फ्रॉड किये जाने पर लॉकर के किराये का 100 गुना ग्राहक को देना होगा।
खाली लॉकर की देनी होगी जानकारी
आरबीआई ने कहा है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बैंकों को खाली लॉकर की लिस्ट, लॉकर के लिए वेटिंग लिस्ट और वेटिंग लिस्ट नंबर डिस्प्ले पर लगाना होगा। बैंक ग्राहकों को लॉकर को लेकर अंधेरे में नहीं रख सकते। बैंक लॉकर के लिए आई सभी एप्लिकेशन को स्वीकार करेंगे और ग्राहको को वेटिंग लिस्ट के बारे में बताएंगे।
ईमेल और SMS अलर्ट से देंगें जानकारी
जब भी ग्राहक अपना बैंक लॉकर एक्सेस करता है तो बैंकों को हर बार SMS और ईमेल भेजना होगा। आरबीआई ने धोखाधड़ी से बचने के लिए यह नियम बनाया है। बैंक लॉकर ऑपरेट करने की जानकारी ग्राहक को देगा, ताकि फ्रॉड से बचा जा सके।
लॉकर रूम के प्रवेश और बाहर आने की निगरानी के लिए बैंकों को सीसीटीवी लगाने और 180 दिनों के लिए डेटा स्टोर करना जरूरी होगा। RBI नोटिस में कहा गया है कि यदि किसी ग्राहक ने बैंक से शिकायत की है कि उसका लॉकर उसकी जानकारी और अधिकार के बिना खोला गया है, या कोई चोरी या सुरक्षा में किसी गलती को देखा जाता है, तो बैंक पुलिस जांच पूरी होने तक सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखेगी। इससे मामले सुलझाने में मदद मिलेगी। है।
बैंक ले सकता है 3 साल का किराया
नए बैंक लॉकर नियमों के तहत बैंकों केवल तीन साल का किराया लेने की अनुमति है। इसलिए 4,000 रुपये के सालाना शुल्क वाले लॉकरों के लिए बैंक अन्य मेंटेनेंस चार्ज को छोड़कर 12,000 रुपये से अधिक शुल्क नहीं ले सकता।