बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो आधारित लेंडिंग रेट (आरबीएलआर) बढ़ा दिया है। उसने आरबीएलआर में 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी एक-चौथाई फीसदी वृद्धि की है। अब यह 8.35 फीसदी हो गया है। नया रेट 7 अक्तूबर से प्रभावी हो गया है। इसका मतलब है कि आरबीएलआर से जुड़े बैंक को होम लोन, कार लोन और दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे।
RBI के रेपो रेट बढ़ाने के दिन ही बैंक ने बढ़ाया इंटरेस्ट रेट
Bank of India ने आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के दिन ही अपने लोन को महंगा करने का ऐलान कर दिया। केंद्रीय बैंक ने 7 अक्तूबर को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा दिया। उसने इसे 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.5 फीसदी कर दिया। आरबीआई ने 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है।
दूसरे बैंक भी जल्द कर सकते हैं इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के ऐलान
आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के बाद यह माना जा रहा था कि सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक सहित दूसरे बैंक अपने लोन का इंटरेस्ट बढ़ाएंगे। बैंक ऑफ इंडिया ने सबसे पहले अपना रेपो आधारित लेंडिंग रेट बढ़ाने का ऐलान किया। यह 7 अक्तूबर से ही लागू हो गया। बैंक ऑफ इंडिया के रेपो से जुड़े सभी लोन अब महंगे हो जाएंगे। बैंकों को अपने लोन के इंटरेस्ट रेट के लिए किसी बाहरी बेंचमार्क से लिंक्ड करना पड़ता है। अब ज्यादातर बैंकों के लोन रेपो से लिंक्ड हैं।
होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन हो जाएंगे महंगे
बैंक ऑफ इंडिया सरकारी बैंक है। माना जा रहा है कि जल्द दूसरे बैंक भी अपने लोन के इंटरेस्ट रेट में इजाफा कर सकते हैं। इससे होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे। त्योहारों के पहले इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने का असर लोन के नए और पुराने दोनों ग्राहकों पर पड़ेगा। जो लोन पहले होम लोन ले चुके हैं, उनकी EMI बढ़ जाएगी। कोई ग्राहक नया लोन लेने जा रहा है तो उसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट पर लोन मिलेगा।
आरबीआई ने इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए बढ़ाया रेपो
आरबीआई ने 7 अक्तूबर को रेपो रेट बढ़ाने का फैसला महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए किया। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के सभी 6 सदस्यों ने रेपो रेट बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। अगस्त में रिटेल इनफ्लेशन 4.82 फीसदी पर पहुंच गया।
क्रूड में उछाल से दुनियाभर में बढ़ रहा इनफ्लेशन
पिछले कई महीनों से इनफ्लेशन लगातार बढ़ रहा है। इसकी वजह क्रूड की ऊंची कीमतें हैं। अमेरिका सहित दुनियाभर में इनफ्लेशन बढ़ रहा है। सितंबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाया था।