Saving Account Nominee: आज के समय में सभी अपने एसेट्स और कैश को सेफ रखना चाहते हैं। ये हर एक व्यक्ति चाहता है कि उनका कमाया पैसा या संपत्ति उनके बच्चों को मिले। कई बार होता है कि हम भूल जाते हैं नॉमिनी बनाना है। समय रहते नॉमिनी बनाना भूल जाते हैं। हम से ज्यादातर लोग अपने सेविंग अकाउंट का नॉमिनी नहीं बनाते और बाद में आपके बच्चों को ही पैसा पाने के लिए बैंक ब्रांच के चक्कर, कानूनी मदद और इमोशनल परेशानी होती है। आइए जानते हैं को बैंक अकाउंट में नॉमिनी बनाना क्यों जरूरी है।
नॉमिनी बनाना क्यों है जरूरी
अपने निवेश को सुरक्षित बनाने के लिए नॉमिनेट करना जरूरी है। ताकि, आपके जानें के बाद आपका पैसा आपके अपने और बच्चों के काम आ सकें। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपके अपनों को ही पैसा पाने के लिए बैंकों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे किसी के निधन के बाद उसके बैंक अकाउंट से पैसा पाने के लिए चुना जाता है। नॉमिनी व्यक्ति को संपत्ति का कानूनी उत्तराधिकारी होना जरूरी नहीं है। एक नॉमिनी व्यक्ति की भूमिका यदि वह नामित कानूनी उत्तराधिकारी नहीं है, तो संपत्ति के ट्रस्टी की तरह होती है।
बैंक अकाउंट में नॉमिनी बनाने का मुख्य उद्देश्य आपके निधन की स्थिति में आपके पैसे को उसे ट्रांसफर करना या देना होता है। अगर आप नॉमिनी नहीं बनाते हैं, तो ये परेशानियां आपके अपनों को हो सकती है।
1) नॉमिनी न बनाने की कॉस्ट
बैंक अकाउंट में नॉमिनी न करने पर कानूनी, पैसे और इमोशनल परेशानी देता है। जब कोई खाताधारक बिना नॉमिनी व्यक्ति के मर जाता है, तो उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को बैंक अकाउंट में पैसे पर कंट्रोल हासिल करने का के लिए कई कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
2) कानूनी उत्तराधिकारियों को अपना पैसा पाने का बढ़ जाता है कॉस्ट
नॉमिनी व्यक्ति की कानूनी उत्तराधिकारियों को बैंक खाते से पैसा पाने के लिए लिए काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र लाने, हलफनामा दाखिल करने, दैनिक समाचार पत्रों में नोटिस छापने में करीब 8,000 रुपये से 12,000 रुपये तक का खर्च आता है। ये खर्च आप नॉमिनी बनाकर खत्म कर सकते हैं।