बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। तीन राज्यों में भाजपा की जीत के बाद हवा में उम्मीदें तैरती नजर आ रही हैं। ऐसे में सवाल है कि निवेशकों को अगले साल बाजार में जोरदार रिटर्न कमाने के लिए कहां दांव लगाना चाहिए? आम धारणा यह है कि चुनाव से पहले सरकारों द्वारा खर्च में तेजी को देखते हुए चुनावी वर्ष में खपत वाले स्टॉक अच्छा प्रदर्शन करते हैं। लेकिन इस बार, विश्लेषकों का सुझाव है कि प्राइवेट सेक्टर के धीमे पूंजीगत व्यय के बावजूद खपत वाले शेयरों की तुलना में इंडस्ट्रियल सेक्टर के शेयर बेहतर दांव हो सकते हैं।
बाजार जानकारों का कहना की मांग में सुस्ती और कच्चे माल की ऊंची कीमतों के उपभोक्ता वस्तुओं के स्टॉक्स पर दबाव की संभावना है। कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी सेक्टर में प्रीमियमीकरण के बढ़ते ट्रेंड कारण बेहतर प्रदर्शन करता दिख सकता है। फिर भी, इंडस्ट्रियल सेक्टर के स्टॉक्स के ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
प्रभुदास लीलाधर के रिसर्च हेड अमनीश अग्रवाल का कहना है कि आगे इंडस्ट्रियल सेक्टर से अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है क्योंकि इंफ्रा सेक्टर में जारी सरकारी निवेश से इस सेक्टर को फायदा होने की संभावना है। राज्य चुनाव नतीजों ने मौजूदा सरकार की वापसी को लेकर अनिश्चितता को शांत कर दिया है। इसलिए सरकारी नीतियों में निरंतरता कायम रहने की उम्मीद है।
पिछली चुनावी तैयारियों के दौरान भी इंडस्ट्रियल शेयरों ने खपत वाले शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, 2009 और 2014 के दौरान जनवरी से अप्रैल महीने के दौरान बीएसई इंडस्ट्रियल इंडेक्स ने 15 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।
महंगे वैल्यूएशन के बावजूद, विश्लेषकों को इंडस्ट्रियल शेयरों का मजबूत प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है। पिछले एक साल में एलएंडटी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, सुजलॉन एनर्जी जैसे शेयरों में 60-200 फीसदी की तेजी आई है। वेल्थमिल सिक्योरिटीज की क्रांति बथिनी का कहना है कि सरकारी और निजी सेक्टर के पूंजीगत व्यय में धीरे-धीरे आती तेजी को देखते हुए, मध्यम से अल्पावधि में इंडस्ट्रियल शेयरों के अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। इन शेयरों को कमोडिटी कू कीमतों में गिरावट से भी फायदा होगा।
वहीं, दूसरी तरफ ग्रामीण मांग में कमजोरी खपत वाले शेयरों पर दबाव बना सकती है। आम तौर पर चुनाव से पहले सरकारी खर्च और लोकलुभावन योजनाओं के परिणामस्वरूप ग्रामीण मांग में बढ़ोतरी होती है। अमनीश अग्रवाल का कहना है कि इस बार ऐसा नहीं हुआ है। महंगाई और खराब मानसून के कारण मांग में तेजी नहीं आई है। उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में अपेक्षित तेजी नहीं है। ग्रामीण मांग सुस्त बनी हुई है। इसलिए, मौजूदा समय में स्टेपल से ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि टाइटन जैसे शौकिया और गैर-जरूरी खर्च वाले शेयर अच्छा प्रदर्शन करेंगे क्योंकि महंगे आभूषण खरीदने वाली आबादी पर महंगाई का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
इंडस्ट्रियल शेयरों में विश्लेषकों को एलएंडटी, सीमेंस और एबीबी से अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है। एक विश्लेषक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एलएंडटी देश में सबसे अच्छी इन्फ्रा और इंजीनियरिंग कंपनी है। खाड़ी देशों में इसका काफी प्रभाव है। उन देशों की अर्थव्यवस्थाएं तेजी पकड़ रही हैं। कंपनी की ऑर्डरबुक काफी मजबूत है। कंपनी के आउटलुक काफी अच्छा दिख रहा है।
मजबूत ऑर्डर बुक के कारण विश्लेषक एबीबी को लेकर भी आशावादी हैं। दलाल ब्रोचा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रेलवे क्षेत्र में प्रोजेक्ट मिलने के कारण ट्रैक्शन मोटर और प्रोपल्शन सिस्टम क्षमता जैसे दूसरे क्षेत्रों में भी कंपनी का विस्तार हुआ है। पावर सेक्टर में रिन्यूएबल एनर्जी वाले शेयरों में तेजी की उम्मीद की जा रही है।। जेफ़रीज़ के कहना है कि आगे पावर ग्रिड, थर्मैक्स, एनटीपीसी और JSW एनर्जी जैसे शेयरों में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
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